विद्यार्थी अपनी क्षमताओं का करें उपयोग: ब्रजेश
संस्कृति विवि के दीक्षा समारोह में पहुंचे डिप्टी सीएमबोले युवा अपनी क्षमता दिखा पीएम मोदी के सपने साकार करें

जागरण संवाददाता, मथुरा: संस्कृति विवि के तीसरे दीक्षा समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कहा कि विद्यार्थी अपनी क्षमताओं का उपयोग करें। उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिए अपनी क्षमताओं को दिखाना है। असली भारत के निर्माण युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
उप मुख्यमंत्री ने उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। बोले, आप बहुत सौभाग्यशाली हैं जो आपने इस पावन भूमि में विद्याध्ययन कर डिग्री हासिल की। अभी तक आप माता-पिता के सहारे थे, लेकिन अब आप स्वयं क्षमतावान हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहले क्या स्थिति थी आप सब जानते हैं। कानून व्यवस्था बिगड़ी थी और माफियाराज था। चारों तरफ अवैध कब्जे हो रहे थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी ²ढ़ इच्छाशक्ति के चलते इसको क्षमतावान प्रदेश बना दिया। आज गुंडे, बदमाश और माफिया अपने बिलों में दुबके बैठे हैं। पाठक ने विद्यार्थियों से कहा कि किसान का बेटा होने के नाते आपकी हर तरह की परेशानियों को जानता हूं। इसलिए आप सबसे वादा करता हूं कि आपकी हर परेशानी में मैं आपके साथ हूं। आप मुझसे कभी भी मिल सकते हैं। आज नौकरियां आप सबके लिए हैं। पहले जैसी स्थिति नहीं, जब नौकरियां जाति विशेष के लिए ही होती थीं। आप प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लीजिए आपको आपके ज्ञान के अनुरूप परिणाम हासिल होगा। इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, स्टेट हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन डा. गिरीश चंद्र त्रिपाठी, संस्कृति ग्रुप के चेयरमैन आरके गुप्ता, संस्कृति विवि के चेयरमैन सचिन गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। यूपी माइनारिटी कमीशन के अध्यक्ष अशफाक सैफी भी मौजूद रहे। संस्कारवान शिक्षा जरूरी-योगेंद्र
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्वामी विवेकानंद के कथन का हवाला देते हुए बताया कि मानव जीवन के लिए संस्कारवान शिक्षा कितनी जरूरी है। उन्होंने कहा, संस्कृति विवि द्वारा जिस तरह से शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो राष्ट्र का निर्माण करे। शिक्षा संस्कार, तकनीक और रोजगार से जुड़े। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी तक आपने ग्रहण किया है। आपका दायित्व है और मौका है कि अब आप देश के लिए कुछ करें। चरित्रवान करते हैं राष्ट्र का निर्माण- त्रिपाठी
प्रदेश के हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन डा. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा, किसी राष्ट्र का निर्माण अचानक नहीं हो जाता। इसका निर्माण चरित्रवान, निष्ठावान लोग करते हैं और इनको चरित्रवान और निष्ठावान शिक्षा बनाती है। जहां लोग परिवार, समाज, संस्थान और देश से लेते कम हैं और देते ज्यादा हैं, वही परिवार, समाज, संस्थान और देश जीवित रहते हैं अन्यथा की स्थिति में बर्बाद हो जाते हैं।
उत्कृष्ट शिक्षा केंद्रों में एक ही संस्कृति विवि- तन्मय
जासं, मथुरा: संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डा. तन्मय गोस्वामी ने विवि की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ते हुए बताया कि हमारा विवि कुछ ही समय में भारत के कुछ सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ एक वर्ष में अधिकतम पेटेंट दाखिल करने वाला 7वां सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय बन गया। यह सम्मान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने दिया है। बताया कि विवि की यात्रा 2016 से शुरू हुई। यहां यहां 70 विभिन्न कार्यक्रमों को अंजाम देने वाले 15 स्कूलों को जिनमें 6500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और आगे ले जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई के सहयोग से तीन उत्कृष्टता केंद्र रोबोटिक्स और आटोमेशन उत्कृष्टता केंद्र, सीएनसी मशीन उत्कृष्टता केंद्र, पारिस्थितिक खेती में उत्कृष्टता केंद्र संचालित हैं। एमएसएमई ने हमें संस्कृति विश्वविद्यालय में एक उन्नत और अच्छी तरह से सुसज्जित ऊष्मायन केंद्र स्थापित करने में भी मदद की है, जिसे इलेक्ट्रॉानिक्स मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है। हमने चालीस से अधिक अंतरराष्ट्रीय विवि और संस्थानों के साथ 50 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के विवि से करार किया है। इसके साथ ही विवि ने आसपास के 300 गोद लिए गए गांवों की सेवा के लिए स्वतंत्र रूप से समुदाय रेडियो (एफएम) का प्रबंधन किया है। आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज और अस्पताल में आयुर्वेद के पंचकर्म और कायाकल्प विज्ञान पर आधारित संस्कृति वेलनेस सेंटर शुरू किया गया है। 187 को मिले पदक, खिले चेहरे
जासं, मथुरा : संस्कृति विव के दीक्षा समारोह में 187 मेधावियों को पदक दिए गए। स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री दी गईं। दीक्षा समारोह में 2020 और 2021 सत्र के विद्यार्थी शामिल रहे। 2020 में कोविड के चलते दीक्षा समारोह नहीं हो सका था। वर्ष 2020 के शिक्षण सत्र में अपने विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले 31 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, द्वितीय स्थान पाने वाले 28 विद्यार्थियों को रजत तथा तीसरा स्थान पाने वाले 25 विद्यार्थियों को कांस्य पदक दिया गया। वर्ष 2021 के शिक्षण सत्र में अपने विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले 39 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, द्वितीय स्थान पाने वाले 36 विद्यार्थियों को रजत पदक तथा तीसरा स्थान पाने वाले 28 विद्यार्थियों को कांस्य पदक दिया गया। दीपक जैन को मानद उपाधि
दीक्षा समारोह के दौरान सामाजिक कार्यों व शिल्पकारों के लिए किए जा रहे अद्वितीय कार्यों के लिए दीपक जैन को मानद उपाधि दी गई।
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