ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के चबूतरे से जूताघर हटाया, अब दुकानों के अतिक्रमण को हटाने की योजना!
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की उच्चाधिकार प्रबंधन समिति ने मंदिर चबूतरे पर दुकानों के अतिक्रमण को हटाने की योजना बनाई है। सेवायतों के विरोध के बाद, 15 दिसंबर को इस पर निर्णय होगा। प्रबंधन ने चबूतरे पर बने जूता घर को हटा दिया है, जो पिछले चार साल से बंद था। इस कदम को दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का संकेत माना जा रहा है।

बांकेबिहारी मंदिर से हटाया गया जूताघर।
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण से लेकर व्यवस्थाओं में सुधार में जुटी मंदिर उच्चाधिकार प्रबंधन समिति ने मंदिर चबूतरे पर हो रहे दुकानों के अतिक्रमण को हटाने की योजना बनाई है। इसके लिए समिति अध्यक्ष ने पहले अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। लेकिन, सेवायतों के विरोध को देखते हुए 15 दिसंबर की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। प्रबंधन द्वारा चबूतरे पर स्थापित किए जूता घर को शनिवार सुबह हटा दिया गया।
उच्चाधिकार प्रबंधन समिति सेवायत सदस्य की गद्दी पर खड़े हो रहे सवाल
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने गुरुवार को मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण कर चबूतरे पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के निर्देश पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों काे दिए और नोटिस चस्पा कर दिए। लेकिन, इस बीच सेवायतों ने विरोध दर्ज कराया, तो अध्यक्ष ने अपने आदेश वापस लेकर 15 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक में इस मामले को रखकर समिति के संयुक्त आदेश के बाद अतिक्रमण हटवाने का निर्णय लिया।
पांच दशक पहले स्थापित किया जूताघर हटाया
इसी के साथ मंदिर चबूतरे पर करीब पांच दशक पहले स्थापित किए गए जूताघर को हटा दिया गया। हालांकि पिछले चार वर्ष पहले जब मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री वनवे रूट से कर दी गई तो जूताघर बंद पड़ा था। ऐसे में जूताघर को हटाकर प्रबंधन ने दुकानदारों को अपने अतिक्रमण हटाने का इशारा तो कर दिया।

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