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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

School Closed: यूपी के इस जिले में आज भी बंद हैं 12वीं तक के स्कूल, बाढ़ और बारिश के कारण कॉलेजों में छुट्टी

Published: Tue, 09 Sep 2025 07:37 AM (IST)

School Closed Mathura Latest News मथुरा के जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने यमुना में बाढ़ और भारी बारिश के ...और पढ़ें

School Closed: प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
School Closed: प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

HighLights

  1. 9 सितंबर को मथुरा में स्कूलों की छुट्टी
  2. यमुना में बाढ़ के कारण अवकाश
  3. 4 सितंबर से लगातार छुट्टियां

जागरण संवाददाता, मथुरा। जिला विद्यालय निरीक्षक व प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालयों में नौ सितंबर का अवकाश घोषित किया गया है। यमुना में बाढ़ और भारी वर्षा को लेकर चार सितंबर से लगातार स्कूल और कॉलेजों में अवकाश चल रहा है।

सोमवार की सुबह तीन सेमी घटा, सात घंटे से स्थिर, हालात अब भी बेहाल

यमुना का जलस्तर 47 वर्षों के बाद इस बार सबसे अधिक रहा है। 1978 में यमुना ने अपना विकराल रूप दिखाया था, इसके बाद अब यमुना रौद्र रूप में हैं। वर्ष 2010 और 2023 में भी यमुना में बाढ़ आई, लेकिन इस बार यह रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो गए। इस बार 167.67 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया। जबकि 1978 में 169.73 मीटर जलस्तर था। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण यमुना के किनारे के गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, तो बाजार और सड़कों पर पानी घुटनों तक आ गया है।

प्रशासन एवं पुलिस की टीम बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में तैनात

54 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। इसमें 25 में आबादी पूरी तरह प्रभावित है। दस हजार से अधिक लोग बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं। वर्ष 2010 में जलस्तर 164.34 मीटर था, तो 2023 में जलस्तर बढ़कर 164.35 मीटर हो गया, लेकिन इस बार जलस्तर बढ़कर 167.67 मीटर तक पहुंच गया।पानी खादर व घाटों को पार कर सड़क मार्ग से आबादी तक में प्रवेश कर गया।

शरणार्थियों को बांटे जा रहे भोजन के पैकेट, अफसर स्थिति पर बनाए हैं नजर

सोमवार की रात्रि में शहर में बंगाली घाट मार्ग पर पांच फीट तक पानी भर गया। स्वामी घाट को पार कर पानी बाजार मार्ग पर भर गया। सदर क्षेत्र की गलियों में भी तीन फीट तक पानी भर गया। सोमवार को दोपहर में कई घंटे तक पानी 167.64 मीटर पर स्थिर रहा। नौहझील क्षेत्र में करीब एक फीट पानी कम हुआ है। हालांकि अब भी आबादी क्षेत्र में हालात भयावह हैं।