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    Radha Janmotsav 2025: बरसाना में राधा रानी जन्मोत्सव अद्भुत नजारा! सतरंगी आसमान, आतिशबाजी से सजा श्रीजी का धाम

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 07:59 AM (IST)

    बरसाना में राधा रानी के जन्मोत्सव पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम हुआ। रंगीन आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठा और पूरा ब्रजमंडल दिव्यता से सराबोर हो गया। श्रीराधा के नाम की गूंज और भक्तों की उमंग से वातावरण अलौकिक हो गया। लाखों रुपये की आतिशबाजी भोर तक चलती रही श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे। रास्तों पर भंडारे और प्याऊ लगे रहे।

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    बरसाना का राधा रानी मंदिर, रोशनी से सराबोर। फोटोः कासिम खान

    संवाद सूत्र, जागरण, बरसाना। बृषभानु नंदनी श्रीराधा रानी के जन्मोत्सव पर शनिवार रात बरसाना ने भक्ति और आस्था का ऐसा आलोक बिखेरा कि पूरा ब्रजमंडल दिव्यता और उत्साह से सराबोर हो गया। सतरंगी आतिशबाजी ने जब आकाश को रंगीन पटाखों से सजा दिया तो मानो धरा भी उसी उल्लास से मुस्करा उठी। श्रीराधा नाम की गूंज और भक्तों की उमंग ने चारों ओर अलौकिक वातावरण बना दिया।

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    संत विनोद बाबा के सौजन्य से करीब 40 लाख रुपये की भव्य आतिशबाजी भोर चार बजे तक चलती रही। आकाश में चमकते आतिशी फूल भक्तों के हृदय में भक्ति का दीप जलाते रहे। हर विस्फोट के साथ राधा नाम का उच्चारण गूंजता और श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठते। यही तो अपनी लाली के प्रति ब्रजवासियों का अगाध प्रेम है। वह राधा को न केवल पूजते हैं बल्कि बेटी की तरह प्यार करते हैं. तभी तो बेटी के जन्म पर भला खुशी कैसे छिपा लेते।

    रंगीन पटाखों ने चारों ओर अलौकिक बना दिया नजारा

    बरसाना का नजारा शनिवार को अद्भुत था। शाम ही बरसाना की गलियां श्रद्धालुओं से पाट दी गईं। मृदंग, ढोल-मजीरे और झांझ की ध्वनियों के बीच ‘राधा नाम संकीर्तन’ से वातावरण गुंजायमान रहा। मेला क्षेत्र की जगमगाती रोशनी ने रात के अंधकार को भी पराजित कर दिया। भक्त झूमते-गाते राधा भक्ति में डूब गए। अष्टदल कमल पर श्रीराधा के जन्माभिषेक भक्तों की आस्था का चरम था। मानो स्वयं ब्रह्मांचल सूर्य सा प्रकाशवान हो उठा हो। प्रेम और श्रद्धा से ओतप्रोत यह क्षण सैकड़ों आंखों से आंसुओं के रूप में भक्ति की धारा बहा गया।

    भव्य और दिव्य नजारा निहारते रह गए श्रद्धालु

    भीड़ प्रबंधन में सुरक्षाकर्मी और मंदिर कर्मी पूरी तन्मयता से जुटे रहे। बरसाना-गोवर्धन मार्ग पर बसों की लंबी कतारें और अन्य रास्तों पर जाम की स्थिति भी भक्तों के उत्साह को कम न कर सकी। मंदिर मार्ग पर जगह-जगह भंडारे, मीठे पकवान और प्याऊ श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर रहे। राधारानी के जन्मोत्सव ने बरसाना को न केवल भक्ति और आस्था का केंद्र बनाया, बल्कि इसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी और अधिक समृद्ध कर दिया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों तक श्रद्धालुओं के हृदय में जीवित रहेगा।

    कानपुर के किदवई नगर से आईं कौशल्या इस अद्भुत नजारे को अपनी आंखों में हमेशा के लिए कैद करने को उत्सुक थीं, उन्होंने कहा कि जो सोचा था, उससे भी दिव्य और भव्य नजारा है। मेरा तो सौभाग्य है कि यहां आने का मौका मिला। अगली बार पूरे परिवार को लेकर आऊंगी। आगरा के कमला नगर की दिव्या शर्मा पति प्रेमभूषण के साथ आई थीं। बोलीं, श्रीजी के दर्शन सुबह करेंगे, अभी तक बस इस भव्य और दिव्य नजारे को अपनी आंखों में पूरी तरह बसाना चाहते हैं।

    सफेद छतरी में दर्शन देंगे आराध्य

    जन्म के बाद रविवार शाम पांच बजे राधारानी को मंदिर के नीचे स्थित सफेद छतरी में डोले पर विराजमान कर लाते हैं। यहां पर वह श्रद्धालुओं पर कृपा बरसाएंगी। इसके बाद गोस्वामी समाज की कन्या उनकी आरती करते हैं। फिर राधारानी को डोले मे विराजमान कर गर्भगृह में ले जाया जाएगा।