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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mulayam Singh Yadav Death: नहीं बिकने दी छाता शुगर मिल, गोवर्धन तहसील की घोषणा कर दिलाया था दर्जा

By vineet Kumar MishraEdited By: Abhishek Saxena
Published: Mon, 10 Oct 2022 10:57 AM (IST)

Mulayam Singh Yadav Death पिता की घोषणा को अखिलेश ने पहनाया था अमलीजामा। भले ही सपा कभी मथुरा में कोई ...और पढ़ें

Mulayam Singh Yadav: कोसीकलां में एक जनसभा को संबोधित करते सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव।
Mulayam Singh Yadav: कोसीकलां में एक जनसभा को संबोधित करते सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव।

मथुरा, जागरण टीम। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आज सुबह निधन हो गया। गोवर्धन को तहसील का दर्जा सपा संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पहल पर मिला था। उन्होंने 2006 में एक जनसभा में गोवर्धन को तहसील बनाने की घोषणा की थी। 2007 में बसपा की सरकार बनी तो तहसील बनाने का काम रुक गया। लेकिन जब 2012 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने पिता की घोषणा पूरी कर दी।

मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री के दौरान आए थे मथुरा

मुलायम सिंह यादव वर्ष 2006 में एक कार्यक्रम में मथुरा जिले में आए थे, तब वह मुख्यमंत्री थे। उन्होंने गोवर्धन को तहसील बनाने की घोषणा मंच से ही की थी। इसके तत्काल बाद हुए विधानसभा चुनाव में बसपा की सरकार बन गई।

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ऐसे में गोवर्धन को तहसील बनाने की घोषणा मूर्तरूप नहीं ले सकी। लेकिन पिता के सपने को उनके बेटे अखिलेश यादव ने पूरा किया। 2012 में सपा की सरकार बनी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बने थे। तब उन्होंने 2014 में गोवर्धन को तहसील का दर्जा दिया। पूर्व विधायक राजकुमार रावत कहते हैं कि तहसील का दर्जा मिलने से गोवर्धन का विकास हुआ है। नेता जी हमेशा मथुरा के विकास की सोचते रहे।

मुलायम सिंह ने छाता शुगर मिल को नहीं बिकने दिया था

 पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह और मुलायम सिंह यादव का कई दशक पुराना नाता है। वह कहते हैं पहले दोनों लोग जनता पार्टी में जुड़े रहे। जब चौधरी चरण सिंह के साथ मुलायम सिंह यादव जुड़े तो खुद लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष बने और तब तेजपाल सिंह मथुरा के जिलाध्यक्ष रहे। वह कहते हैं कि मुलायम के दिल में हमेशा मथुरा से मिली हार की कसक रही है।

छाता में स्कूल और सड़कों के लिए खजाना खोल दिया

छह अक्टूबर 1994 को वह मुख्यमंत्री थे। तब वह छाता में एक जनसभा को संबोधित करने आए थे। यहां उन्होंने छाता क्षेत्र में स्कूल और सड़कों के लिए उन्होंने अपना खजाना खोल दिया। चौमुहां में सर्वोदय डिग्री कालेज भी मुलायम सिंह ने ही बनवाया। वह बताते हैं कि उस वक्त छाता शुगर मिल बिक रही थी, तब उन्होंने इसे बिकने नहीं दिया।

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