विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Banke Bihari Mandir: रामलला विराजे तो सूना था गलियारा, अब उमड़ रही इतनी भीड़ कि चीख रहे श्रद्धालु, गली में पैर रखने की जगह नहीं

Published: Sun, 07 Apr 2024 07:22 PM (IST)

Banke Bihari Mandir Vrindavan Today News In Hindi ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में लगातार भीड़ का दबाव बढ़ता जा रहा है। ...और पढ़ें

हे बांकेबिहारी! आप ही बचाओ, चीख उठे श्रद्धालु।
हे बांकेबिहारी! आप ही बचाओ, चीख उठे श्रद्धालु।

HighLights

  1. मंदिर में दर्शन करने पहुंची युवती की बिगड़ी तबीयत
  2. बांकेबिहारी मंदिर में पहुंचने में लगे दो घंटे

संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो हालात खराब हो गए। उमस भरी गर्मी में मंदिर के बाहर और अंदर श्रद्धालु भीड़ में फंसे तो चीख निकल गई। बस कुछ याद रहे तो बांकेबिहारी। उनसे ही बचाने की गुहार श्रद्धालु करते रहे। सुबह एक युवती की भीड़ में तबीयत बिगड़ गई तो शाम को एक श्रद्धालु बेहोश हो गया। रात तक हालात बिगड़ते रहे। पुलिस और सुरक्षागार्डों का व्यवस्था बनाने में पसीना छूट गया।

प्रशासन के प्रयास नजर नहीं आए

भीड़ नियंत्रण के प्रशासन के प्रयास नजर नहीं आ रहे। तेज धूप और भीड़ के दबाव में श्रद्धालुओं की हालत खराब हो रही है और पुलिस के बैरियर पर रोके जाने से श्रद्धालु आहत हो रहे हैं। रविवार की सुबह हालात ये कि विद्यापीठ चौराहा से लेकर मंदिर तक भीड़ का हुजूम ही नजर आ रहा था। बाजार में भी पैर रखने तक को जगह नहीं थी। हर ओर श्रद्धालुओं का हुजूम ही हुजूम नजर आया। ऐसे में विद्यापीठ से मंदिर के अंदर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे का समय लगा।

ये भी पढ़ेंः Bijli News: इस गर्मी बढ़ेगा बिल, रुलाएगा बिजली का खर्चा; विभाग कर रहा ऐसा काम कि अब नहीं कर पाएंगे चोरी

रेलिंग फांदकर चबूतरे पर पहुंचे

मंदिर चबूतरे पर कठिनाईयां पार करते हुए जब श्रद्धालु पहुंच रहे थे, तो सीढ़ियों पर बैरियर से पहले आपाधापी का माहौल बन रहा था। जिसमें फंसी महिलाएं और बच्चों की चीख निकल रही थी। ऐसे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर चबूतरे की छह फुट ऊंची रेलिंग फांदकर चबूतरे पर एंट्री पाई और मंदिर के अंदर पहुंचे। मंदिर के अंदर भी भीड़ के ठहराव श्रद्धालुओं की कठिनाई बढ़ा रहा था।

ये भी पढ़ेंः बेटी से मिलने पर कय्यूम की खाैफनाक हत्या; 34 KM बाइक पर लाश लेकर जंगल में गए आरोपी, गला दबाया फिर फूंका शव... और फिर

दर्शन के लिए लगे दो घंटे

गर्भगृह के अंदर ठाकुरजी के दर्शन भी हजारों श्रद्धालुओं को नहीं हो सके और भीड़ से बचने के लिए वे बाहर निकलते नजर आए। मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव में दिल्ली निवासी सलोनी की तबीयत बिगड़ गई। जिसे गार्डों ने बड़ी मशक्कत के बाद गेट नंबर चार के बाहर पहुंचाया और पानी पिलाकर उसे राहत दी।