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    झूलबिहारी मंदिर में दर्शन और सत्संग, 14 वर्ष बाद अपने जन्मस्थान पहुंचे महंत नृत्य गोपाल दास

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 08:01 AM (IST)

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास 14 साल बाद अपने जन्मस्थान करहला गांव पहुंचे। उन्होंने श्री झूलबिहारी मंदिर में दर्शन किए, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। सत्संग के बाद वे वृंदावन के लिए रवाना हो गए। महंत जी का जन्म करहला में हुआ था और उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

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    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास।

    संवाद सूत्र, जागरण, बरसाना। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी 14 वर्षों बाद शुक्रवार शाम अपनी जन्मस्थली करहला गांव पहुंचे। उन्होंने श्री झूलबिहारी मंदिर में प्रभु के दर्शन किए। उनके स्वागत को साधु-संत बड़ी संख्या में पहुंचे।

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    लोगों ने किया स्वागत


    शुक्रवार देर शाम करीब सात बजे महंत नत्य गोपाल दास कार से करहला पहुंचे। रामकुमार दास जी महाराज, रवि भारद्वाज, दूदू जादौन,सतीश खुशी, कृष्णा जादौन, राहुल फौजी,भरत पंडित समेत दर्जनों लोगों ने उनका स्वागत किया। गांव के रामकुमार दास जी महाराज ने कहा कि सौभाग्य है हमारे बीच नृत्य गोपाल दास जी आए हैं। करीब आधा घंटा सत्संग करने के बाद वह वृंदावन के लिए रवाना हो गए।

    11 जून 1938 को करहला में हुआ था जन्म

    अयोध्या के मणिराम दास छावनी के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास रामजन्मभूमि न्यास और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख के साथ ही श्रीकृष्ण जन्भूमि ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हैं। उनका जन्म 11 जून 1938 को करहला में हुआ था। 12 वर्ष की उम्र में ही वह अयोध्या चले गए। वहां महंत राम मनोहर दास के शिष्य बने। वाराणसी में संस्कृत विश्वविद्यालय से उन्होंने शास्त्री की उपाधि हासिल की। 1965 में वे श्री मणिराम दास छावनी (छोटी छावनी) के महंत बने। राम मंदिर आंदोलन से लेकर निर्माण तक में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।