सोने-चांदी के हिंडोले में दर्शन देंगे प्रभु गिरिराज, एक माह से चल रहीं छप्पन भोग की तैयारियां
गोवर्धन में अनंत चतुर्दशी पर गिरिराज प्रभु सोने-चांदी के हिंडोले में दर्शन देंगे। वृंदावन में आमंत्रण पत्रिका का विमोचन हुआ। छह सितंबर को दिव्य छप्पन भोग का आयोजन होगा जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। थाईलैंड और मलेशिया से फूल मंगाए गए हैं और प्रभु का शृंगार हीरे-मोती से होगा।

जागरण संवाददाता, मथुरा । गोवर्धन की गिरि तलहटी में अनंत चतुर्दशी पर होने वाले अलौकिक छप्पन भोग के लिए गोवर्धन में गिरिराज प्रभु को निमंत्रण दिया गया। इस बार गिरिराज प्रभु सोने- चांदी के हिंडोले में दर्शन देंगे। वृंदावन के श्री कृष्ण सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रभु की आमंत्रण पत्रिका का विमोचन गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने किया।
इससे पूर्व गिरिराज प्रभु की छवि पर समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल, अध्यक्ष दीनानाथ रामभवन, महामंत्री अशोक कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने बताया कि अनंत चतुर्दशी पर छह सितंबर को गोवर्धन की बड़ी आन्यौर परिक्रमा मार्ग की गिरि तलहटी में होने वाले दिव्य छप्पन भोग की तैयारियां एक माह से चल रहीं हैं।
ब्रज शैली में 100 फीट ऊंचा राजमहल हो रहा तैयार
कोलकाता और ओडिशा के कारीगर 100 फीट ऊंचा राजमहल ब्रज शैली में तैयार कर रहे हैं। तलहटी को सजाने के लिए थाइलैंड, मलेशिया से फूल मंगाए गए हैं। प्रभु का शृंगार सोने, चांदी, हीरे, मोती, पन्ना से वैष्णव संप्रदाय के पंडित शरद मुखिया द्वारा किया जाएगा। सात दिवसीय कार्यक्रम 31 अगस्त को अन्नपूर्णा रथ की शोभायात्रा से शुरू होगा।
चार सितंबर को दुग्धधारा परिक्रमा होगी। पांच सितंबर को सुबह प्रभु का पंचरत्नम महाभिषेक सात नदियों के जल से होगा। पांच सितंबर की शाम सात बजे से स्वामी हरिदास संगीत समारोह में देश के प्रसिद्ध संतूर वादक की संध्या होगी।
छप्पन भोग अनंत चतुर्दशी छह सितंबर को होगा। गाय के घी से 21 हजार किलोग्राम छप्पन भोग प्रसाद वैष्णव विधि से तैयार होगा। दर्शन दोपहर तीन बजे से रात्रि 12 बजे तक होंगे । भगवान दास खंडेलवाल, मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, संयोजक अनमोल बंसल, बांके बिहारी सोनी, कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
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