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    Janmashtami 2023: इस्कॉन मंदिरों में मंगला व तुलसी आरती शुरू, दर्शन के लिए लगी लाखों श्रद्धालुओं की कतार

    By vineet Kumar MishraEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Thu, 07 Sep 2023 05:59 AM (IST)

    Krishna Janmashtami 2023 गुरुवार रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्थित भागवत भवन में लाला के श्रीविग्रह का दूध-दही से अभिषेक होगा। इस पल को आंखों से निहारने के लिए लाखों श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचने लगे हैं। बुधवार को दोपहर बाद जन्मस्थान के आसपास की सड़कों पर केवल और केवल आस्थावान ही दिखाई दिए। दस लाख के आसपास श्रद्धालु देर रात तक धर्म नगरी में पहुंच चुके थे।

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    आज जन्मेंगे कन्हाई, आस्था की धरा मथुरा में उमड़ा श्रद्धा का समंदर

    मथुरा, ऑनलाइन/जागरण संवाददाता। आज पूरी दुनिया भगवान श्री कृष्ण की भक्ति के रंग में रंगी हुई है। सभी जगह नटवर नागर नंदकिशोर का 5250वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। लीलाधर के जन्म का साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से लोग ब्रज पहुंचने लगे हैं। आस्था की धरा पर बुधवार से ही श्रद्धा का समंदर उमड़ने लगा है। जन्मस्थान जाने वाले हर मार्ग पर आस्थावानों के पग बढ़ते रहे। देशभर एक इस्कॉन मंदिरों में ठाकुर जी की मंगला व तुलसी आरती शुरू हो गई है।

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    लाखों की भीड़ बुधवार को ही पहुंच गई। रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए नटवर नागर के आंगन को देखा तो निहारते ही रह गए। आराध्य की एक झलक देखने को बेसब्री ऐसी कि हजारों जोड़ी आंखें जन्मस्थान के गेट पर टिकी रहीं। बुधवार को रोज की तरह रात हुई, लेकिन दुनिया भर से आए श्रद्धालुओं ने अजन्में के जन्म की खुशी में आंखों में काट दी।

    गुरुवार रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्थित भागवत भवन में लाला के श्रीविग्रह का दूध-दही से अभिषेक होगा। इस पल को आंखों से निहारने के लिए लाखों श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचने लगे हैं। बुधवार को दोपहर बाद जन्मस्थान के आसपास की सड़कों पर केवल और केवल आस्थावान ही दिखाई दिए। दस लाख के आसपास श्रद्धालु देर रात तक धर्म नगरी में पहुंच चुके थे।

    क्या बच्चे-क्या बूढ़े। सबकी आंखें जन्मस्थान पर जैसे कान्हा को तलाश करती रहीं। भले ही जन्मोत्सव कल है, लेकिन जन्मस्थान की आभा ऐसी है, मानो लाला अंदर ही कहीं छिपे बैठे हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु अंदर पहुंचे और जन्म से पहले ठाकुर केशवदेव, युगल सरकार और गर्भगृह के दर्शन किए।

    गुरुवार रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अगुलाई में लाला का अभिषेक होगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भागवत भवन में सीमित संख्या में ही श्रद्धालु एकत्र हो सकते हैं, इसलिए उन्हें मंदिर के अंदर बड़ी स्क्रीन लगाकर अभिषेक के लाइव दर्शन कराए जाएंगे।

    इस बार पहली बार मंदिर के बाहर भी कई स्थानों पर स्क्रीन लगाकर जन्माभिषेक के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। कान्हा के स्वागत के लिए पूरी नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। चौक-चौराहे रोशनी से सराबोर हैं, तो रंग-बिरंगे कपड़े और गुब्बारे उत्सव की आभा बता रहे हैं।

    तिरंगी रोशनी से नहाए सड़क किनारे के खंभे ये बताते रहे कि हमारे कान्हा जन्म ले रहे हैं और लाखों इसके साक्षी होंगे।

    विभिन्न प्रदेशों से आए लोक कलाकारों ने मथुरा से लेकर वृंदावन तक जब अलग-अलग चौराहों पर कान्हा की लीलाओं का मंचन हुआ, तो जयकारों से नगरी गूंज गई।

    बांकेबिहारी में स्क्रीन पर दर्शन का नहीं हो सका निर्णय

    ठाकुर बांकेबिहारी में मंगला आरती को लेकर जिला प्रशासन ने सेवायतों संग बैठक कर नई व्यवस्था की। जिन सेवायत की गुरुवार को पूजा सेवा है, उनके दो सौ यजमानों के साथ ही सभी 250 गोस्वामी परिवार मंगला आरती में शामिल होंगे। इसके अलावा अधिकारी और वीआइपी मौजूद रहेंगे।

    मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा और लगातार उन्हें दो गेट से प्रवेश देकर दो गेट से निकाला जाएगा। मंगला आरती के दौरान बाहर स्क्रीन लगाकर लाइव दर्शन कराने की व्यवस्था पर निर्णय नहीं हो सका।

    इसे लेकर जिला प्रशासन ने मंदिर प्रशासक मुंसिफ कोर्ट में वाद पत्र प्रस्तुत किया था, इस पर बुधवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।

    राधारमण में दिन में जन्में कान्हा, इस्कान में कटेगा केक

    राधारमण मंदिर में गुरुवार को सुबह नौ बजे कान्हा का जन्मोत्सव मनेगा। इसके पीछे मान्यता ये है कि राधारमण लालजू के श्रीविग्रह का प्राकट्य दिन में हुआ था। इसलिए यहां दिन में जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसी तरह सप्त देवालय में शामिल राधा दामोदर मंदिर और गोकुलानंद मंदिर में भी दिन में कान्हा का अभिषेक होगा।

    डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि,

    जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसी तरह श्रद्धालुओ को दिकक्त न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया है। मथुरा को 17 सेक्टर, तीन जोन में बांटा गया है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भी मंगला आरती के दौरान किसी को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।