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मथुरा के Jamtara में पुलिस का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन, 300 पुलिसकर्मियों ने घेरे चार गांव; 42 लोग हिरासत में

By Prateek GuptaEdited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 11 Dec 2025 01:18 PM (IST)Updated: Thu, 11 Dec 2025 07:42 PM (IST)

मथुरा पुलिस ने गोवर्धन के आसपास के गांवों में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। 300 से अधिक पुलिसकर्मियों ...और पढ़ें

गोवर्धन में गुरुवार सुबह गांवों की घेराबंदी करती पुलिस।

गोवर्धन में गुरुवार सुबह गांवों की घेराबंदी करती पुलिस।

जागरण संवाददाता, मथुरा। झारखंड का जामताड़ा गांव ठगों के लिए कुख्यात है। लेकिन यहां तो गांव-गांव जामताड़ा है। ठगों के संगठित गिरोह की कमर तोड़ने के लिए गुरुवार सुबह पांच बजे ठगों के चार गांवों की पुलिस ने घेरेबंदी की।

चार एएसपी की अगुवाई में साढ़े तीन सौ से अधिक पुलिसकर्मियों ने 12 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। घर-घर दबिश देकर 42 ठगों को गिरफ्तार कर लिया। 120 से अधिक खेतों के रास्ते राजस्थान सीमा में भाग गए।

पुलिस ने सात बाइक, भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, कई फर्जी कागजात, दर्जनों मोबाइल, सिमकार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। कई मोबाइलों में ठगी के साक्ष्य, बैंकिंग एप और वारदात से जुड़े संदेश भी पाए गए हैं।

जिले में करीब एक दर्जन गांव साइबर ठगों के कारण बदनाम हैं। इन गांवों में 80 प्रतिशत से अधिक युवा ठगी का काम करते हैं। इन्हें टटलू के नाम से जाना जाता है। पहले यह नकली ईंट, सस्ता सामान बेचने का लालच देकर लोगों को बुलाते थे और फिर लूट लेते थे।

कई वर्षों से यह साइबर ठगी कर रहे हैं। आनलाइन ठगी के जरिए हजारों को चूना लगा चुके हैं। एसएसपी श्लोक कुमार इन गांवों की कई दिनों से निगरानी करा रहे थे।

सुबह पांच बजे चार एएसपी, चार सीओ,15 थाना प्रभारी, 27 सब इंस्पेक्टर, 300 पुलिस कर्मियों, दो प्लाटून पीएसी और बम स्क्वायड टीम ने एक-दूसरे से सटे देवसेरस,मुड़सेरस, मड़़ौरा और नगला अकातिया को एक साथ घेर लिया।

जिस वक्त छापेमारी हुई, ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। पुलिस को देख गांव में भगदड़ मच गई। घरों से कूदकर ठग भागने लगे। पुलिस ने घर-घर दबिश दी। गांव और उसके बाहर खेतों में दौड़ाकर 42 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

करीब 120 से अधिक लोग भागने में सफल हो गए। यह गांव राजस्थान सीमा से सटे हैं, ऐसे में राजस्थान की ओर ठग भागे। करीब 12 घंटे तक सर्च आपरेशन चला। शाम पांच बजे तक पुलिस ने घरों से सात बाइकें बरामद कीं।

भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, कई फर्जी कागजात, दर्जनों मोबाइल, आधार कार्ड, सिमकार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए। कई मोबाइलों में ठगी के साक्ष्य, बैंकिंग एप और वारदात से जुड़े चैट भी मिले हैं।

एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा, एसपी सुरक्षा राजकुमार अग्रवाल और एसपी यातायात मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में 300 से अधिक घरों में तलाशी ली गई।

एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि कई दिनों से इन गांवों की निगरानी की जा रही थी, फिर सुबह पांच बजे छापेमारी की गई है। पकड़े गए शातिरों से पूछताछ की जा रही है।

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