व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रो सल्फेट से बना रहे थे नकली पनीर, मथुरा FSDA ने छापामार कर पकड़ी फैक्ट्री
मथुरा के शेरगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली पनीर बनाने वाली इकाई पर छापा मारा। यहां व्हाइटनिंग एजेंट और ...और पढ़ें

केमिकल का पनीर नष्ट करती टीम।
HighLights
मथुरा में नकली पनीर बनाने वाली इकाई पर छापा।
व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रो सल्फेट का प्रयोग।
350 किलो नकली पनीर और 3000 लीटर दूध नष्ट।
जागरण संवाददाता, मथुरा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने शेरगढ़ क्षेत्र में मानव स्वास्थ्य के लिए घातक रसायनों व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रो सल्फेट से नकली पनीर बनाने की इकाई पर छापामारी की। टीम ने मौके से 350 किलो पनीर और तीन हजार लीटर दूध नष्ट कराया। पनीर निर्माण इकाई संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आगामी त्योहारों को देखते हुए जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य विभाग का अभियान चल रहा है। इस बीच एक सूचना पर मंगलवार को शेरगढ़ के ग्राम नारायणगढ़ में खाद्य विभाग की टीम ने गांव के ही तस्लीम की पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी की।
हानिकारक रसायनों व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रो सल्फेट का पनीर बनाने में प्रयोग
मौके पर जांच के दौरान पाया गया कि इकाई में स्किम्ड मिल्क पाउडर, रानीपाल (सफेद करने वाला व्हाइटनिंग एजेंट), पापड़ी (सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट), रिफाइंड पॉमोलिन तेल, सोयाबीन दाल का प्रयोग कर पनीर बनाया जा रहा था। यह पनीर मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक था और इसे बाजार में असली पनीर के नाम पर बेचने की तैयारी थी।
छापेमारी के दौरान टीम ने खाद्य पदार्थ पनीर, दूध, स्किम्ड मिल्क पाउडर 75 किलोग्राम, सोयाबीन दाल 60 किलोग्राम, पॉमोलिन तेल 225 किलोग्राम, पापड़ी 1200 ग्राम, रानीपाल केमिकल 500 ग्राम के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
350 किलो पनीर-तीन हजार लीटर दूध नष्ट
मौके पर इकाई में रखा 87, 500 रुपये का 350 किलोग्राम दूषित पनीर नष्ट करा दिया। इसके अलावा बाकी अन्य सामग्री को सीज कर दिया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य जतिन कुमार सिंह का कहना है कि त्योहारों के सीजन को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। आम जनता की सेहत से खिलौना करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य कारोबारकर्ता तस्लीम के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सांस, त्वचा और पाचन तंत्र के लिए हानिकारक हैं रसायन
व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रो सल्फाइट रसायनों का मानव स्वास्थ्य पर गंभीर और हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। इन रसायनों का उपयोग कॉस्मेटिक्स (त्वचा को गोरा करने वाली क्रीम), टूथ व्हाइटनिंग उत्पादों और औद्योगिक स्तर पर ब्लीचिंग (कपड़ा और कागज उद्योग) में किया जाता है। इनसे सांस, त्वचा और पाचन तंत्र संबंधी समस्याएं आती हैं।
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