राष्ट्रपति का वृंदावन दौरा: दूसरी बार वृंदावन आने वाली तीसरी महामहित होंगी द्रोपदी मुर्मू
जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। इससे पहले प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद भी ...और पढ़ें

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु।
HighLights
राष्ट्रपति मुर्मू 19 मार्च को दूसरी बार वृंदावन आएंगी।
तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन जुटा तैयारियों में।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में दूसरी बार 19 मार्च को वृंदावन आ रही हैं। राष्ट्रपति मुर्मु से पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी।
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।
प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार आए वृंदावन
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में दूसरी बार तीन दिवसीय प्रवास पर वृंदावन आ रही हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा से लेकर रूट पर व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने रात दिन तैयारी शुरू कर दी हैं। आचार्य प्रह्लादवल्लभ गोस्वामी ने कहा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु तीसरी ऐसी राष्ट्रपति हैं जो वृंदावन की दूसरी यात्रा पर आ रही हैं। इससे पहले पिछले वर्ष 25 सितंबर को राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन आई थीं।
रामनाथ कोविंद आए थे दो बार
इससे पहले निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। इसमें पहली बार 28 नवंबर को रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के शारदा ब्लाक का लोकार्पण करने आए। 27 जून को कृष्णा कुटीर महिला आश्रय सदन में वृद्ध विधवा माताओं से मुलाकात करने आए थे।
चंद्रोदय मंदिर के भूमि पूजन में आए थे प्रणब मुखर्जी
इससे पहले राष्ट्रपति पद पर रहते प्रणब मुखर्जी पहली बार 16 नवंबर 2014 को अक्षयपात्र में चंद्रोदय मंदिर के भूमि पूजन में आए तो दूसरी बार 18 नवंबर 2015 को चैतन्य महाप्रभु के वृंदावन आगमनोत्सव के पांच सौ वे वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में आए थे।
ये गणमान्य भी आ चुके हैं वृंदावन
इससे पहले राष्ट्रपति पद पर रहते ज्ञानी जैल सिंह 1987 में वृंदावन आए और रंगजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे 1957 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्रप्रसाद वृंदावन आए। उप राष्ट्रपति पद पर रहते 1985 में आर वेंकटरामन, 1993 में डॉ. शंकरदयाल शर्मा, 1959 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वृंदावन आ चुके हैं।
