Krishna Janmashtami: कान्हा के जन्म पर ब्रज इठलाया, कण-कण मुस्काया; भक्तों ने लगाए खुशी के जयकारे
मथुरा में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ब्रज की सुंदरता के आगे स्वर्ग भी फीका लग रहा था। कृष्ण जन्म से ब्रज खुश था और हर कण मुस्कुरा रहा था। भक्तों की जयकारों से दिशाएं गूंज उठीं। देश-विदेश से आए भक्त ब्रज की चमक देखकर खुश हो गए। ब्रज की सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया।

जागरण संवाददाता, मथुरा। जन-जन के आराध्य का जन्मोत्सव मनाया गया। ब्रज के वैभव के सामने बैकुंठ फीका पड़ गया। कान्हा के जन्म पर ब्रज इठलाया तो कण-कण मुस्करा उठा । भक्तों ने खुशी के जयकारे लगाए तो दिशाएं झूम उठीं। द्वापरयुग जीवंत हो गया। देश-विदेश से आए आस्थावान ब्रज की आभा देख रोमांचित हो गए।
सुबह 11 बजे जन्मभूमि का दृश्य देख भोपाल के अवनीश शर्मा भक्ति और देश भक्ति में सराबोर हो गए। वह कहते लगे, भक्ति और देशभक्ति का जो संगम हो रहा है, वह रोमांचित करने वाला है। जन्मभूमि का वैभव अद्भुत है। आपरेशन सिंदूर की झलक भी दिखी है। दोपहर एक बजे डीग गेट चौराहा पर सूरत के अनिल भाई सजावट को निहारने लगे।
सजावट देख वह अपलक हो गए। उन्होंने बताया कि सात-आठ वर्ष पहले भी आ चुके हैं, लेकिन इस बार कल्पना से अधिक वैभव दिखाई दिया है। ब्रजमंडल में आनंद और उल्लास है। चारों दिशाएं उत्सव से महक रही हैं। कानपुर की वैशाली परिवार के साथ आईं।
जन्मभूमि के बाहर का उत्साह देख उनका चेहरा खिल उठा। चेहरे पर भक्ति का जो भाव आया, मानो प्रभु का आशीर्वाद मिल गया। कहने लगीं, ब्रज की बात निराली है। चारों धामों से यह निराला है। विश्रामघाट पर दिल्ली के रोहन यमुना की लहरों को देख मचल गए।
कहने लगे, यह नजारा भगवान श्रीकृष्ण के समय का ही लग रहा है। यमुना मैया मचल रही हैं। धन्य हैं ब्रजवासी, जिन्हें यहां रहने का सौभाग्य मिला है। जैसे-जैसे रात होती गई, खुशियों की बौछार होने लगी। रात 12 बजते ही ब्रज आस्था के सागर में डूब गया। कान्हा के जन्मोत्सव पर ब्रज की सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया। चौराहा, हर मार्ग कान्हा के आगमन पर चमक गया।
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