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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Banke Bihari Corridor: बांके बिहारी के भक्तों को दर्शन के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं, अब कोई नहीं झेलेगा धक्का-मुक्की की परेशानी

By vineet Kumar MishraEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 22 Nov 2023 05:20 AM (IST)

Banke Bihari Corridor मंदिर के आसपास इमारतों का तेजी से निर्माण होने के बाद कान्हा की पटरानी यमुना जो मंदिर ...और पढ़ें

Banke Bihari Corridor: दो परिसर में बनेगा भव्य गलियारा (प्रतीकात्मक चित्र)
Banke Bihari Corridor: दो परिसर में बनेगा भव्य गलियारा (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर का गलियारा भव्य और दिव्य होगा।
  2. दो परिसर में बनेगा भव्य गलियारा
  3. करीब 11 हजार वर्गमीटर में मंदिर परिसर में खुला क्षेत्र होगा।

जागरण संवाद सूत्र, मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर का गलियारा भव्य और दिव्य होगा। पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले गलियारे में एक साथ दस हजार श्रद्धालु रुक सकेंगे। न केवल उन्हें मंदिर परिसर में दिव्यता का अहसास होगा, बल्कि प्रकृति का अहसास होगा।

मंदिर के आसपास इमारतों का तेजी से निर्माण होने के बाद कान्हा की पटरानी यमुना जो मंदिर से दूर हो गई थीं, अब गलियारा बनने के बाद वह नजदीक दिखाई देंगी। मुख्य द्वार ही यमुना के घाट की ओर से होगा। यदि श्रद्धालु यमुना के घाट पर खड़े होकर देखेंगे तो दिव्य और भव्य मंदिर की छटा दिखाई देगी। इसी गलियारे में पूजन सामग्री की दुकानें होंगी। जो दुकानें गलियारे के दायरे में आकर टूटेंगी, उन दुकानदारों को मुआवजे के साथ यहां दुकानें देने का भी सरकार ने वादा किया है। इस गलियारे के निर्माण पर फिलहाल 506 करोड़ खर्च करने की योजना है।

ये होगा खास

  • दो परिसर में बनेगा भव्य गलियारा
  • 10 हजार वर्गमीटर का ऊपरी दल होगा,जिस पर मंदिर होगा।
  • कृष्ण से जुड़े छायाचित्रों का गलियारा भी 800 से वर्ग मीटर में दो होंगे।
  • करीब 11 हजार वर्गमीटर में मंदिर परिसर में खुला क्षेत्र होगा।

ये होगा फायदा

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में वर्तमान में एक समय में बमुश्किल एक हजार श्रद्धालु ही दर्शन कर पाते हैं। वह भी धक्का-मुक्की के बीच। जबकि मंदिर परिसर के बाहर हजारों श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश की जद्दोजेहद घंटों करते हैं। गलियारा बनने से दर्शन आसान होंगे। दर्शन के लिए धक्का-मुक्की नहीं करनी पड़ेगी।

जाम से मिलेगी राहत

श्रद्धालुओं के वाहन वृंदावन से बाहर ही खड़े कराने की व्यवस्था है। ऐसे में अब लगभग प्रतिदिन वृंदावन में जाम से जूझ रहे ब्रजवासियों को दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा।

बढ़ेंगे पर्यटक, तेजी से घूमेगा अर्थचक्र

ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए वर्तमान में सामान्य दिनों में 50 से 70 हजार श्रद्धालु आते हैं। जबकि शनिवार और रविवार को ये संख्या दो से ढाई लाख और विशेष पर्वों पर पांच से सात लाख होती है। गलियारा बनने के साथ ही यमुना एक्सप्रेस वे और आगरा-दिल्ली हाईवे से वृंदावन को जोड़ने के लिए अलग से सड़क बनाई जा रही है।

ऐसे में पर्यटकों की संख्या कई गुणा बढ़ जाएगी। चूंकि वृंदावन और मथुरा में ज्यादातर अर्थव्यवस्था मंदिरों पर ही टिकी है, ऐसे में पर्यटक बढ़ने से फूल विक्रेता से लेकर होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी और प्रसाद विक्रेता से लेकर ई-रिक्शा चलाने वालों की आर्थिकी तेजी से बढ़ेगी।

उज्जैन के महाकाल में गलियारा बनने के पहले सावन के सोमवार को 25 से तीस हजार श्रद्धालु ही दर्शन को आते थे, लेकिन गलियारा बनने के बाद ये संख्या 80 हजार से एक लाख के आसपास पहुंच गई है। इसी तरह काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

मथुरा: कल आएंगे पीएम, श्रीकृष्ण जन्मस्थान में करेंगे दर्शन

ब्रज रज उत्सव में आयोजित कृष्ण भक्त मीराबाई के 525वें जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को आएंगे। चौथी बार मथुरा आ रहे मोदी पहली बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दर्शन करेंगे। इसके बाद वह रेलवे मैदान में आयोजित ब्रज रज उत्सव में भक्त मीराबाई पर आधारित फिल्म अभिनेत्री व सांसद हेमामालिनी द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका देखेंगे। उनकी अगवानी खुद सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। यहां करीब चालीस मिनट कार्यक्रम को पीएम संबोधित भी करेंगे।

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