Mainpuri Road Accident: सड़क हादसे में PCS अधिकारी राजेश कुमार का निधन, बरहज बाजार में बीता था बचपन; शोक में डूबा इलाका
मैनपुरी में सड़क दुर्घटना में मारे गए पीसीएस अधिकारी राजेश कुमार जायसवाल मूल रूप से देवरिया के रहने वाले थे। उनका बचपन बरहज बाजार में बीता। नायब तहसीलदार के पद पर चयन होने पर यहां मिठाई बांटी गई थी। दुर्घटना की खबर से जानने वाले स्तब्ध हैं। राजेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई देवरिया खास में रहते हैं। वे मिलनसार और व्यावहारिक इंसान थे।

जागरण टीम, आगरा। मैनपुरी में मार्ग दुर्घटना में जान गंवाने वाले पीसीएस अधिकारी राजेश कुमार जायसवाल देवरिया के मूल निवासी थे। बरहज बाजार में उनका बचपन बीता। पढ़ाई के बाद जब वह नायब तहसीलदार पद पर चयनित हुए तब यहां मिठाई बंटी थी।
हादसे की सूचना जैसे ही यहां पहुंची, पट्टीदार और जानने वाले स्तब्ध रह गए। राजेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका परिवार लखनऊ में रहता है।
उनके बड़े भाई देवरिया खास में मकान बनवा कर रहते हैं। राजेश जायसवाल के बचपन में उनका पूरा परिवार बरहज बाजार स्थित जायसवाल धर्मशाला के बगल में रहता था। वहां से उनके पिता पूरे परिवार को लेकर बाहर निकल गए।
भाइयों में सबसे छोटे थे राजेश
राजेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई अनिल जायसवाल बैंक में एरिया मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुए और उनसे छोटे दिलीप जायसवाल भी पूर्वांचल ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
अनिल व राजेश लखनऊ में मकान बनवा कर रहते थे, जबकि दिलीप देवरिया शहर के देवरिया खास में रहते हैं। बरहज में रहने वाले पट्टीदारी के चाचा सूर्य भान जायसवाल ने बताया कि उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ तो बरहज में मिठाई बंटी थी।
प्रशासनिक सेवा में जाने की देते थे गाइडलाइंस
नौकरी में आने के बाद उनका आना नहीं हुआ। हालांकि, परिवार के लोग मोबाइल फोन से संपर्क में बने रहे। बरहज के ही अधिवक्ता अजीत जायसवाल उनके संपर्क में थे। बताया कि प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए तैयारी आदि के बारे में वह बहुत अच्छी जानकारी देते थे। बेहद मिलनसार व व्यावहारिक इंसान थे।
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