Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भाभी गांव की प्रधान, देवर के खाते में किया विकास कार्यों का भुगतान, मैनपुरी डीएम का नोटिस जारी

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 10:19 AM (IST)

    मैनपुरी के करहल में, प्रधान ने विकास कार्यों के पैसे अपने देवर के खाते में जमा किए। शिकायत मिलने पर डीएम ने जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। प्रधान को नोटिस जारी किया गया है और जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान के अधिकार सीज किए जा सकते हैं। पंचायत राज विभाग पर मामले को दबाने का आरोप है।

    Hero Image

    सांकेतिक तस्वीर।

    सौरभ शुक्ला, जागरण, मैनपुरी। विकास कार्य के नाम पर ग्राम पंचायतों में घोटाला कोई नई बात नहीं है। इस बार विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ में प्रधान का खेल खुल गया है। विकास कार्य के नाम पर धनराशि का भुगतान प्रधान ने अपने देवर के खाते में कर दिया। शिकायत में इसकी पुष्टि होने के बाद अब प्रधान पर कार्रवा की तलवार लटक गई है। डीएम ने ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर सप्ताह भर के अंदर जवाब देने को कहा है। प्रधान के अधिकार सीज किए जाएंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ में शिकायत के बाद जांच में खुला मामला

    लगभग एक वर्ष पूर्व आठ अक्टूबर 2024 को विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ निवासी सचिन कुमार तिवारी ने आइजीआरएस पर शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि ग्राम प्रधान नीलम ने विकास कार्यों के नाम पर अपने देवर कमल प्रताप सिंह और पंचायत सहायक के पति के खाते में भुगतान कर दिया था। अलग-अलग कार्यों के नाम पर लगभग दो लाख रुपये के हेरफेर का आरोप लगाया था।

    डीएम ने प्रधान को साक्ष्य देने को एक सप्ताह का दिया समय, प्रधान के अधिकार होंगे सीज

    डीएम के आदेश पर मामले की जांच के लिए 11 नवंबर 2024 को बीएसए दीपिका सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया था। बीएसए ने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि प्रधान ने देवर कमल प्रताप सिंह के खाते में विकास कार्यों में लगे श्रमांश का भुगतान किया। उनके द्वारा बताया गया कि उन्होंने मजदूरों को नकद धनराशि का भुगतान किया था। इसके बाद 18 नवंबर 2024 को उन्होंने ग्राम प्रधान को अधिकारों और धनराशि का दुरुपयोग करने का दोषी माना था।
    इसके आधार पर अब डीएम अंजनी कुमार सिंह ने ग्राम प्रधान को अधिकार सीज करने का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ग्राम प्रधान द्वारा साक्ष्य सहित जवाब न देने पर उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।



    पंचायत राज विभाग एक साल तक दबाए रहा जांच

    एक साल पहले हुई शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। शिकायकर्ता का आरोप है कि बीएसए ने जांच कर अपनी रिपोर्ट भी 18 नवंबर 2024 को ही दे दी थी। इसके बाद भी पंचायत राज विभाग करीब एक साल तक फाइल दबाए रहा। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्रवा नहीं होने दी गई।



    प्रधान को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में साक्ष्य देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर वह समयानुसार अपने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करता है तो उसके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए जाएंगे। ग्राम सभा के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जायेगा। - डॉ. अवधेश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी