Mainpuri News: बीयर वीडियो वायरल होने के बाद SDO निलंबित, आत्महत्या की चेतावनी वाले पत्र से मची खलबली
मैनपुरी में करहल के एसडीओ का सरकारी गाड़ी में बीयर के साथ वीडियो वायरल होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबन से पहले एसडीओ ने एक पत्र में साजिश की आशंका जताई थी और वाहन चालक पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की चेतावनी भी दी थी जिससे विभाग में खलबली मच गई है।

जागरण संवाददाता, मैनपुरी। सरकारी गाड़ी में बीयर की केन के साथ एसडीओ करहल की वीडियो प्रकरण में निदेशक डीवीवीएनएल ने उन्हें निलंबित कर दिया है। अब प्रकरण एक नया मोड़ ले रहा है। वीडियो प्रकरण से पूर्व ही एसडीओ ने इसकी साजिश की आशंका जताते हुए अधिशासी अभियंता को सरकारी पत्र भेजकर मदद मांगी थी।
23 अगस्त की तिथि वाले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित पत्र में एसडीओ ने वाहन चालक व एक अन्य व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं, मानसिक रूप से परेशान एसडीओ ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी भी दी थी। अब अफसरों में पत्र के बाद खलबली मची है।
25 अगस्त को प्रसारित हुआ था बीयर वाला वीडियो
25 अगस्त को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एसडीओ करहल सुरेंद्र सिंह सरकारी गाड़ी में बीयर की केन के साथ बैठे दिख रहे थे। वीडियो के आधार पर 27 अगस्त की रात निदेशक डीवीवीएनएल द्वारा कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर एसडीओ द्वारा लिखा गया एक सरकारी पत्र भी प्रसारित हो गया, जिससे बिजली विभाग के अफसरों में खलबली मची है।
23 अगस्त को लिखित में बताया था मानसिक तनाव
पत्रांक संख्या 3567 के अनुसार पत्र एसडीओ सुरेंद्र सिंह ने 23 अगस्त 2025 को अधिशासी अभियंता के लिए लिखा था। पत्र में लिखा है कि चालक अतेंद्र शराब के लिए सभी कर्मचारियों से रुपये मांगते हैं। अतेंद्र, अपने स्वामी दीपक के माध्यम से उपखंड कार्यालय के सभी अधिकारी व कर्मचारियों की शिकायत कराते हैं। कार्यालय में किसे रखना है और हटाना है, यह दीपक ही तय करते हैं। नए संविदाकर्मी को रखवाने से पूर्व 40 से 60 हजार रुपये बतौर रिश्वत ली जाती है।
वाहन चालक व एक अन्य व्यक्ति पर लगाए थे आरोप
एसडीओ ने लिखा है कि वे जब से मैनपुरी आए हैं, परेशान हैं। कई बार आत्महत्या का मन भी बना चुके हैं। 23 अगस्त को ही उन्होंने अधिशासी अभियंता से लिखित में कहा था कि उन्हें सरकारी गाड़ी नहीं चाहिए। पत्र में फर्जी ढंग से कनेक्शन कराने के लिए भी उच्चाधिकारी दबाव देते हैं।
आत्महत्या तक की लिखित में दी थी चेतावनी
दीपक नाम के व्यक्ति का हवाला देते हुए एसडीओ ने अधिशासी अभियंता से मदद मांगते हुए 23 अगस्त को ही सरकारी गाड़ी छोड़ दी थी। अधिशासी अभियंता से कहा था कि यदि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे।
उनका पत्र प्रसारित होने के बाद अब विभाग में खलबली मची है। अधीक्षण अभियंता को भी इसकी प्रति भेजी थी।
पत्र के संबंध में मुझे तो कोई जानकारी है ही नहीं। मुझसे एसडीओ द्वारा कुछ नहीं कहा गया था। यदि ऐसा कोई पत्र है तो उसकी जानकारी कराई जाएगी। - हंसराज कौशल, अधिशासी अभियंता वितरण खंड-तृतीय।
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