यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mainpuri Bypoll: सैफई परिवार पर टिकीं निगाहें, शिवपाल ने परिवार के पाले में डाली गेंद
Mainpuri Bypoll कयास- सपा संरक्षक के निधन से पहले दिए थे चुनाव लड़ने के संकेत। अब परिवार का निर्णय होने ...और पढ़ें

मैनपुरी, जागरण टीम। लोकसभा उप चुनाव की घोषणा होते ही सबकी निगाहें सैफई परिवार पर टिक गई हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा जिज्ञासा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के रुख पर लगी हैं। हालांकि शिवपाल अभी पत्ते नहीं खोल रहे, उल्टे उन्हाेंने निर्णय की गेंद परिवार के ही पाले में डाल दी है। शिवपाल यादव ने कहा है कि निर्णय तो उनको लेना है। उसके बाद ही मैं निर्णय लूंगा। दूसरी तरफ सपा से प्रत्याशी के तौर पर पूर्व सांसद तेजप्रताप सिंह यादव का नाम सर्वाधिक चर्चाओं में है।
शिवपाल सिंह यादव ने दिए थे चुनाव लड़ने के संकेत
सपा से अलग होकर अलग पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव बीते विधानसभा चुनाव में सपा के नजदीक आ गए थे। परंतु चुनावों के बाद संबंधों में फिल तल्खी आ गई। इसके बाद शिवपाल यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे। कई बार यह बात दोहराई की यदि नेताजी चुनाव लड़ेंगे तो वह मैदान में नहीं उतरेंगे। परंतु अब सपा संरक्षक के निधन के बाद परिस्थितयां बदली हुई हैं।
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शनिवार को जागरण ने फोन पर वार्ता में प्रसपा अध्यक्ष से चुनाव लड़ने के संबंध में सवाल पूछा तो उनका कहना था कि मैंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। निर्णय तो दूसरों को लेना हैं। वे जो निर्णय करेंगे, उसके हिसाब से अगला कदम लूंगा। निर्णय कोई एकतरफा नहीं होता है। जब सब बैठते हैं, तब निर्णय होता है। निर्णय अभी होना है।
सपा के प्रत्याशी का इंतजार कर रहे मतदाता
दूसरी तरफ सपा से प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर कयासों के दौर चल रहे हैं। सपा के सामने जहां गढ़ को बचाने की चुनौती हैं, वहीं नेताजी की जगह प्रत्याशी चयन का निर्णय भी आसान नहीं। फिलहाल पूर्व सांसद तेजप्रताप सिंह यादव का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा उपचुनाव में भी सपा ने तेजप्रताप को ही मैदान में उतारा था। इसके बाद से कोई चुनाव नहीं लड़े हैं और मैनपुरी में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।
ये लगाए जा रहे हैं कयास
मुलायम सिंह यादव के वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से लेकर हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव तक में यहां की कमान उनके हाथों में रही है। ऐसे में तेज प्रताप यादव का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
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मैनपुरी सीट पर मुलायम सिंह यादव के अलावा उनके भतीजे धर्मेंद्र यादव भी वर्ष 2004 के लोकसभा उपचुनाव में जीत चुके हैं। ऐसे में उनका नाम भी चर्चा में चल रहा है, परंतु उनको पार्टी ने हाल ही में आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया था। ऐसे में उनको भी मौका दिए जाने की संभावना कमजोर कही जा रही है। दूसरी तरफ सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के नाम को लेकर भी कयास लग रहे हैं।
अखिलेश यादव खुद मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र की करहल विधानसभा सीट से विधायक हैं, ऐसे में कहा जा रहा है कि वह उपचुनाव में डिंपल यादव को लड़ा सकते हैं। परंतु इसकी संभावना कम बताई जा रही है।