जासं, मैनपुरी : वायरल हुए वीडियो ने 100 शैय्या अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की बेदर्दी उजागर कर दी। रात में पहुंची गर्भवती को टरका दिया। लौटते में महिला ने अस्पताल की सीढि़यों पर ही एक बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद भी स्वास्थ्यकर्मी बेरुख बने रहे और उधर जच्चा-बच्चा जमीन पर काफी देर तक छटपटाते रहे।

घटना नौ सितंबर रात की है। भोगांव क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी निवासी मीरा (35) पत्नी शैतान सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन रात 10:55 बजे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि यहां दो हजार रुपयों की मांग पूरी न करने पर स्टाफ ने महिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस से रात लगभग 11:10 बजे मीरा को 100 शैय्या की इमरजेंसी लाया गया। यहां स्टाफ नर्सों ने प्रसव में कुछ दिन होने की बात कहकर वापस जाने को कहा। सीढि़यों से उतरते ही मीरा ने बच्चे को जन्म दे दिया। लगभग 45 मिनट तक प्रसूता और शिशु दोनों जमीन पर छटपटाते रहे। बहन ने काटी कैंची से नाल

प्रसूता को अस्पताल आईं दूसरी महिलाएं संभाल रही थीं। प्रसूता के साथ आई बहन शीला ने कैंची लाकर शिशु की नाल काटी। वीडियो बनाए जाने की खबर लगने के 45 मिनट बाद अस्पताल प्रशासन ने जच्चा और बच्चा दोनों को रात 12:10 बजे बीएचटी पर भर्ती दर्ज कर उपचार दिया। सीएसची में प्रसूता ने सुनाई आपबीती

10 सितंबर की रात वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. एके पांडेय और एसडीएम पीसी आर्य बुधवार सुबह सीएचसी पहुंचे। यहां बुलाई गई प्रसूता ने आपबीती सुना दी। ये हैं जांच के दायरे में

सीएचसी भोगांव में तैनात स्टाफ नर्स शिखा सिंह और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सिया देवी, 100 शैय्या विग में तैनात स्टाफ नर्स सुशीला शर्मा, अनुपम यादव, नीतू गुप्ता, नीतू यादव के अलावा वार्ड आया अनीता, पुष्पा और ड्यूटी पर तैनात रहे डॉ. अभिषेक यादव।

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'मामले की जानकारी हुई है। जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।'

-डॉ. एके पांडेय, सीएमओ।

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