किसानों को खाद के लिए नहीं लगानी होगी लाइन, 'उर्वरक सेतु' एप से घर बैठे करें बुकिंग
प्रदेश सरकार ने किसानों को खाद की लंबी कतारों और कालाबाजारी से राहत देने के लिए 'उर्वरक सेतु एप' लॉन्च ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
'उर्वरक सेतु एप' खाद की कालाबाजारी और लंबी कतारें रोकेगा।
किसान घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद मैनपुरी में भी एप जल्द लागू होगा।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। खाद के लिए समितियों पर लगने वाली लंबी कतार और उर्वरक की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए अब किसानों को नई सुविधा मिलने जा रही है। प्रदेश सरकार ने ‘उर्वरक सेतु एप’ शुरू किया है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे।
पहले चरण में 10 जिलों में एप का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसकी सफलता के बाद अक्टूबर के अंतिम सप्ताह अथवा नवंबर के प्रथम सप्ताह में मैनपुरी में भी इसे लागू किए जाने की तैयारी है।
किसानों को समिति के चक्कर से मिलेगी राहत
एप के माध्यम से किसान को समिति पर जाने से पहले ही खाद की उपलब्धता और निर्धारित मात्रा की जानकारी मिल सकेगी। कृषि योग्य भूमि के आधार पर किसान के लिए उर्वरक की सीमा तय होगी। बुकिंग के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसान को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जरूरत से अधिक खाद लेने और कालाबाजारी पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी।
एआर कॉपरेटिव जितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद मैनपुरी में भी एप लागू करने की तैयारी है। किसानों को इसकी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
10 जिलों में चल रहा पायलट प्रोजेक्ट
उर्वरक सेतु एप का पायलट प्रोजेक्ट गोरखपुर, महाराजगंज, लखनऊ, शाहजहांपुर, वाराणसी, रायबरेली, पीलीभीत, झांसी, मेरठ और बिजनौर में संचालित किया जा रहा है। शासन ने अधिकारियों को किसानों को एप के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
