मैनपुरी : 13 साल से लंबित पड़ी मैनपुरी-इटावा रेल लाइन पर रविवार को जब इंजन दौड़ा तो लोगों ने सुकून भरी सांस ली। रेलवे के अधिकारियों ने भी लोगों को एक नई उम्मीद बंधा दी कि बस कुछ ही महीनों में इस रेल लाइन पर रेलगाड़ियां दौड़ेंगीं।

रविवार की मैनपुरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे के अधिकारियों की कदमताल क्या शुरू हुई, स्टेशन पर मौजूद लोगों में चर्चा आम हो गई। देखते ही देखते फूल-मालाओं से सुसज्जित एक रेलवे इंजन भी स्टेशन पर आकर खड़ा हो गया। पूछने पर पता चला कि 13 साल पुरानी इटावा-मैनपुरी रेल परियोजना के पूरा होने का अब वक्त आ गया है। रेलवे के अधिकारियों ने बिछिया रेलवे क्रॉ¨सग पर पहुंचकर इंजन को हरी झंडी क्या दिखाई, इंजन नई बनी इटावा-मैनपुरी रेल लाइन पर दौड़ने लगा।

परियोजना के कानपुर से आए डिप्टी चीफ इंजीनियर कमल तलवेजा ने बताया कि इस नए रेलवे ट्रैक का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब ट्रैक की क्षमता देखी जा रही है। पहली बार इंजन को पटरियों पर उतारकर ट्रैक की मजबूती के साथ छोटी-छोटी खामियों को भी परखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभी यह सिर्फ ट्रॉयल है। मार्च तक काम को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। उम्मीद है कि समय सीमा के अंदर ही काम को पूरा कर लिया जाएगा और उसके कुछ ही दिनों बाद इस रेल लाइन पर रेलगाड़ियां भी दौड़ने लगेंगी। उनके साथ पावस यादव अधिशासी अभियंता कानपुर, एके ¨सह सहायक अधिशासी अभियंता कानपुर सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम ने किया था शिलान्यास

वर्ष 2004 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इटावा से मैनपुरी रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। तत्कालीन रेल मंत्री नितीश कुमार ने भी ऐलान किया था कि तीन से चार सालों के अंदर इस परियोजना को पूरा करा लिया जाएगा और लोगों को सुविधा मिलेगी। मगर, 13 सालों का लंबा समय बीतने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई। तब से लेकर लगातार सांसद धर्मेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम ¨सह यादव ने भी लंबित रेल परियोजना को लेकर कई बार संसद में मुद्दा उठाया था।

60 किमी की दूरी होगी आसान

मैनपुरी-इटावा रेल लाइन पर इंजन का ट्रॉयल हुआ तो लोगों को आस जागी। मैनपुरी रेलवे स्टेशन से करहल तक इंजन ने पटरी पर दौड़कर गुणवत्ता का जायजा लिया। दरअसल, इटावा से मैनपुरी के बीच की दूरी 60 किमी है। आवागमन के लिए अभी लोगों को बसों में महंगा किराया खर्च करके सफर करना पड़ता है। इस लाइन पर रेलगाड़ी के संचालन के बाद इटावा, वैदपुरा, सैफई, करहल होकर मैनपुरी तक का सफर बेहद आसान और सस्ता हो जाएगा।