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    सोनौली से फर्जी कागजों के सहारे नेपाल जा रहे दो ईरानी नागरिक गिरफ्तार, एक साल से बिना वीजा भारत में रह रहे थे

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Mon, 27 Nov 2023 01:34 PM (IST)

    भारत में पिछले एक साल से बिना वीजा के अवैध रूप से रह रहे दो ईरानी नागरिक फर्जी प्रस्थान मुहर लगाकर नेपाल जाने के फिराक में थे कि पकड़े गए। गिरफ्तार दोनों नागरिक वर्ष 2022 में एक माह के वीजा पर भारत आए थे। अवधि समाप्त होने के बाद एक वर्ष से यहां रुके थे। सोनौली बॉर्डर से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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    पकड़े गए ईरानी नागरिक के साथ सोनौली पुलिस। -जागरण

    जागरण संवाददाता, खनुआ (महराजगंज)। सोनौली सीमा पर तैनात आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने शनिवार की रात ईरान के दो नागरिकों को पासपोर्ट पर फर्जी प्रस्थान मुहर लगाकर नेपाल जाने के प्रयास के दौरान सोनौली में गिरफ्तार कर लिया। दोनों 18 दिसंबर 2022 से भारत में बिना वीजा के अवैध रूप से रह रहे थे और अब नेपाल के रास्ते ईरान जाने की फिराक में थे। आव्रजन अधिकारियों की तहरीर पर सोनौली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रविवार को दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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    गिरफ्तार दोनों ईरानी नागरिकों की पहचान सोलत कर्मालू व राशिद समददोकनालू के रूप में हुई। दोनों ईरान में कहां रहते हैं, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। दोनों 11 नवंबर 2022 को एक माह के टूरिस्ट वीजा पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे थे। इनकी वीजा की अवधि 17 दिसंबर 2022 तक थी।

    वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी दोनों भारत में ही रुके रहे। इस बीच शनिवार की रात सोनौली के आव्रजन अधिकारी निशांत त्यागी की टीम को सूचना मिली कि ईरान के दो नागरिक अवैध तरीके से नेपाल जाने की फिराक में हैं। इसके बाद टीम जांच में जुट गई।

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    रात में आव्रजन टीम ने सोनौली सीमा से नेपाल जाने की कोशिश करते सोलत कर्मालू को रोक लिया। उसके पासपोर्ट व वीजा की जांच की तो पासपोर्ट पर आव्रजन विभाग का मुहर लगा मिला, जो जांच में फर्जी मिला। पूछताछ में उसने बताया कि उसका एक साथी राशिद समददोकनालू पहले ही नेपाल प्रवेश कर गया है। इसपर भारतीय आव्रजन अधिकारियों ने उसकी नेपाल प्रशासन की मदद से तलाश शुरू की तो वह सीमा से सटे नेपाल के इमिग्रेशन कार्यालय के पास अपनी जांच कराते मिल गया। उसके पासपोर्ट पर भी वही फर्जी मुहर लगी थी।

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    आव्रजन अधिकारियों ने दोनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि आव्रजन अधिकारी निशांत त्यागी की तहरीर पर दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में चालान किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया।