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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: महराजगंज जिले में एनआईए की टीम का छापा, बंद कमरे में चार घंटे युवक से की पूछताछ; क्षेत्र में मचा हड़कंप

Published: Fri, 30 Aug 2024 01:38 PM (IST)

महराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र के करमहिया गांव में एनआईए और स्वाट टीम ने एक घर पर छापेमारी की। टीम ...और पढ़ें

एनआईए टीम के जाने के बाद छेदी गुप्ता के घर बैठे स्वजन। जागरण
एनआईए टीम के जाने के बाद छेदी गुप्ता के घर बैठे स्वजन। जागरण

HighLights

  1. एनआईए, स्वाट टीम और निचलौल थाना की पुलिस की संयुक्त टीम ने की छापेमारी
  2. चार घंटे तक बंद कमरे में की पूछताछ, 10 सितंबर को लखनऊ कार्यालय बुलाया
  3. जांच के दौरान युवक का मोबाइल, डायरी और दो पत्रिका साथ ले गई एनआईए की टीम

जागरण संवाददाता, महराजगंज। निचलौल थाना क्षेत्र के करमहिया गांव में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की टीम और जिले की स्वाट टीम ने एक घर पर छापेमारी की। जिससे पूरे गांव में हड़कंप मचा गया। चार घंटे तक बंद घर में एनआईए की टीम पूछताछ करने के बाद युवक का मोबाइल, डायरी और दो पत्रिका अपने साथ लेकर चली गई। इसके अलावा युवक को 10 सितंबर को एनआईए दफ्तर लखनऊ में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

शुक्रवार की सुबह 5:30 बजे करमहिया गांव निवासी छेदी गुप्ता के घर को एनआईए, स्वाट टीम और निचलौल की पुलिस टीम अचानक चारों तरफ से घेर ली। यहां तक रास्ते से आने-जाने वाले लोगों पर भी पाबंदी लगा दी। चार घंटे तक घर की तलाशी ली। इस दौरान उसके घर कुछ नहीं मिला।

एनआईए की टीम छेदी के बड़े लड़के जितेंद्र गुप्ता को कमरे में बैठा कर चार घंटे तक पूछताछ की। जितेंद्र ने एनआइए को बताया कि वह डोमा में मेडिकल स्टोर्स चलता है। उसके बाद एनआईए की टीम उसे अपने साथ लेकर मेडिकल स्टोर पर पहुंची और पूरे दुकान की तलाशी ली। फिर वहां से लाकर उसे छोड़ दिया।

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जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मेरे पास रखा मोबाइल, मेरी डायरी और पढ़ने वाली दो पत्रिका एनआईए की टीम अपने साथ ले गई है। मुझे 10 सितंबर को एनआईए दफ्तर लखनऊ में बुलाया गया है।

उसने यह भी बताया कि कोरोना के पूर्व वह एक विद्यालय में पढ़ाता था, वहीं पर एक अरविंद नाम का युवक भी पढ़ाता था। जो उत्तराखंड का था, उसी की तलाश में एनआईए इसके पूर्व भी आई थी और उसके बारे में पता करके चली गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। टीम ने मेरे पूरे घर की तलाशी की, लेकिन उसे कहीं भी कुछ भी नहीं मिला।

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पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम करमाहिया गांव में जांच पड़ताल के लिए आई थी। टीम को पुलिस फोर्स उपलब्ध कराई गई थी। जांच के बाद टीम चली गई है। किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।