नेपाल से भारत आ रहा स्क्रैप, सीमावर्ती इलाकों में तस्करी का नया खेल; उठे निगरानी पर सवाल
नेपाल से बंद पड़ी फैक्ट्रियों और मेडिकल कॉलेजों का कबाड़ छोटे टुकड़ों में पगडंडियों के रास्ते भारत लाया जा रहा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
नेपाल से भारत में कबाड़ की तस्करी बढ़ रही है।
बंद फैक्ट्रियों और मेडिकल वेस्टेज को लाया जा रहा।
पगडंडियों के रास्ते ठेलों से हो रही आवाजाही।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के नए तौर-तरीकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाल से कबाड़ (स्क्रैप) लाकर भारतीय क्षेत्र में खपाए जाने की चर्चा है।
आरोप है कि नेपाल में बंद पड़ी फैक्ट्रियों के स्क्रैप को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर ठेलों के जरिए पगडंडियों से भारत लाया जा रहा है। इसके अलावा नेपाल के मेडिकल कालेजों से निकलने वाले वेस्टेज को भी भारतीय क्षेत्र में लाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन गतिविधियों और कथित सिंडिकेट की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निचलौल, ठूठीबारी, राजाबारी, झिंगटी, भगवानपुर, श्यामकाट, सोनौली, प्रेम नगर कालोनी, रजिया घाट, सुंडी, डंडाहेड, खनुआ, हरदी डाली, मुर्दहिया, चंडीथान, संपतिहा और खैराघाट सहित सीमावर्ती इलाकों में कबाड़ की आवाजाही की चर्चा है। इस पूरे नेटवर्क का संचालन ठूठीबारी क्षेत्र से जुड़े लोगों द्वारा किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल में भी इसके बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने का दावा किया जा रहा है। पगडंडियों और छोटे रास्तों से होने वाली आवाजाही के कारण माल के स्रोत, उसकी प्रकृति और वैध दस्तावेजों की जांच अहम हो जाती है।
क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सीमावर्ती थानाध्यक्षों को तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सीमवर्ती क्षेत्र में गश्त भी बढ़ाई गई है।
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