महराजगंज जेल में सजा काट रहे कैदी की बीमारी से मौत, स्वजनों ने जिला अस्पताल में किया हंगामा; लापरवाही का आरोप
जिला कारागार में सजा काट रहे कैदी की हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कैदी की मौत के बाद घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि जिला अस्पताल से कैदी की हालत खराब होने पर बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर किया गया था लेकिन जेल प्रशासन द्वारा समय से एंबुलेंस की व्यवस्था न करने पर मौत हुई।

महराजगंज, जागरण संवाददाता। जिला कारागार महराजगंज में आजीवन कारावास की सजा काट रहे खजुरिया गांव निवासी राम सजन की बीमारी के चलते शनिवार की दोपहर में मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद जिला कारागार द्वारा उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से चिकित्सकों ने मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा एंबुलेंस से न ले जाकर जेल की गाड़ी का इंतजार किया जाने लगा। इसी बीच राम सजन ने दम तोड़ दिया। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचे स्वजन ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया है। स्वजन का आरोप है कि जेल प्रशासन की लापरवाही के चलते उसकी मौत हुई है।
यह है पूरा मामला
17 मई 1999 में खजुरिया गांव निवासी राम सजन के विरुद्ध सदर कोतवाली में तत्कालीन खाद्य निरीक्षक द्वारा मिलावटी दूध के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। 23 वर्षों तक मुकदमे के विचारण के बाद नौ अप्रैल 2022 को महराजगंज के अपर सत्र न्यायाधीश रेखा सिंह ने राम सजन को दोष सिद्ध घोषित करते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई थी।
यह भी पढ़ें, रामघाट हाल्ट को अयोध्या धाम का प्रवेश द्वार बनाएगा पूर्वोत्तर रेलवे, यात्रियों को मिलेंगी खास सुविधाएं
10 दिनों से जिला कारागर में भर्ती था कैदी
सजा होने के बाद से राम सजन जिला कारागार में निरुद्ध था। अस्थमा की शिकायत होने पर उसे पिछले 10 दिनों से जिला कारागार अस्पताल में भर्ती किया गया था, शनिवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर सुबह 10 बजे जेल से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर इलाज के बाद चिकित्सकों ने बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया।
जेल की एंबुलेंस के इंतजार में गई जान
रेफर होने के बाद जिला कारागार से रेफरल की कार्रवाई पूरी होने के समय और जेल की एंबुलेंस के इंतजार में राम सजन की मौत हो गई। मौत होने के बाद जिला अस्पताल में पहुंचे मृतक के स्वजन ने हंगामा शुरू कर दिया। स्वजनों का आरोप है, कि जेल प्रशासन की लापरवाही के चलते रामसजन की मौत हुई है। अगर समय से जेल से कागजात और एंबुलेंस आ गई होती तो जान नहीं जाती।
यह भी पढ़ें, लोकसभा चुनाव में 'आधी आबादी' पर BJP का फोकस, पार्टी संगठन में महिलाओं को बहुत पहले से मिलती रही है तवज्जो
क्या कहते हैं जेल अधीक्षक
महराजगंज के जेल अधीक्षक प्रभात सिंह ने बताया कि जिला कारागार में भर्ती बंदी रामसजन अस्थमा और मधुमेह रोग से पीड़ित था। पिछले 10 दिनों से उसे जिला कारागार अस्पताल में भर्ती किया गया था। आज सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया । रेफर होने के बाद गाड़ी पहुंचती उसके पूर्व ही उसकी मृत्यु हो गई है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।