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नेपाल के गोरखा में भूस्खलन से बूढ़ीगंडकी नदी में भीषण बाढ़, निचले इलाकों में भारी तबाही की आशंका

By Vishwadeepak TripathiEdited By: Vivek Shukla
Published: Sun, 11 Oct 2026 08:26 AM (IST)

नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के भूस्खलन के कारण बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे निचले इलाकों ...और पढ़ें

बूढ़ी गंडकी में बहता मलबा। सौ. वीडियो ग्रैब

बूढ़ी गंडकी में बहता मलबा। सौ. वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. गोरखा में भूस्खलन से बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक बाढ़।

  2. निचले इलाकों में व्यापक क्षति की आशंका, अलर्ट जारी।

  3. नेपाली सेना हवाई सर्वेक्षण कर रही, बचाव कार्य जारी।

संवाद सूत्र, भैरहवा (नेपाल)। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के अचानक बाढ़ आ गई । चुमनुब्री गांवपालिका-6 के लोक्पा क्षेत्र में सूखा भूस्खलन होने से बूढ़ीगंडकी नदी का प्रवाह रुक गया और बाद में मलबे के साथ तेज बहाव आया। निचले इलाकों में नुकसान की खबर है, हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह करीब 4:35 बजे अचानक बाढ़ की सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाली सेना का हेलीकाप्टर हवाई सर्वे के लिए भेजा गया है।

चुमनुब्री गांवपालिका के अध्यक्ष निमा लामा के अनुसार, वार्ड-6 के चुम्चेत क्षेत्र में चुम्के खोला में भूस्खलन से पानी का प्रवाह बाधित हुआ। गांवपालिका के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि रात में सूखा पहाड़ टूटकर गिरा। सुबह करीब चार बजे तेज आवाज सुनकर लोग जागे। अंधेरा होने से शुरुआत में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद प्रशासन ने निचली बस्तियों में अलर्ट जारी किया।

अधिकारी के अनुसार भूस्खलन का मलबा करीब 150 मीटर तक फैला है। पहाड़ से लगातार मलबा गिरने से नदी का प्रवाह रुकने और फिर खुलने का सिलसिला जारी है। अब तक कई बार तेज बाढ़ आ चुकी है। नदी में बड़े-बड़े पत्थर बहते दिख रहे हैं।

प्रशासन के मुताबिक जगत क्षेत्र के निचले हिस्से में नदी किनारे बसे घरों और बस्तियों के बहने की खबर है। सल्लेरी में भी नुकसान की आशंका है, लेकिन संपर्क बाधित होने से पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाकर्मी अलर्ट पर हैं। नदी किनारे रहने वालों को ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है।

राष्ट्रीय विपद जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने बूढ़ीगंडकी के तटीय इलाकों में सतर्कता की अपील की है। प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक डा. धर्मराज उप्रेती के अनुसार सिर्दिबास, जगत, यारी, तातोपानी, माछीखोला, सोती, आरुखेत और आरुघाट तक खतरा है।

मौसम विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा ने एसएमएस भेजकर लोगों को सतर्क किया है। महाशाखा के विशेषज्ञ विनोद पराजुली के अनुसार बाढ़ का पानी आरुघाट तक पहुंचने में करीब तीन घंटे लग सकते हैं।

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प्रारंभिक तौर पर पहाड़ से मलबा गिरने से नदी का प्रवाह रुकना और फिर एक साथ पानी निकलना बाढ़ की वजह माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार ऊपरी क्षेत्र में बारिश का रिकॉर्ड नहीं मिला है।

बूढ़ीगंडकी नदी मनास्लु हिमाल के पूर्वी हिस्से से निकलती है। चुमनुब्री में आई बाढ़ का असर निचले इलाकों तक पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

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