भारत-नेपाल सीमा पर बदला तस्करी का पैंतरा, पगडंडियों व साइकिल के सहारे भारत भेजी जा रही नियारा
भारत-नेपाल सीमा पर नियारा की तस्करी का तरीका बदल गया है, अब तस्कर बड़े वाहनों की बजाय साइकिल से पगडंडियों ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
तस्करों ने नियारा तस्करी के लिए नया तरीका अपनाया।
बड़े वाहनों की बजाय साइकिल से माल लाया जा रहा।
सोनौली में 185.7 किलो नियारा मिट्टी बरामद हुई।
जागरण संवाददाता, नौतनवा। भारत-नेपाल सीमा पर नियारा की तस्करी के लिए तस्करों ने अपना तरीका बदल दिया है। अब बड़े वाहनों से सीधे सीमा पार माल लाने के बजाय नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में नियारा डंप किया जा रहा है। वहां से साइकिल के जरिये पगडंडियों और छोटे रास्तों से भारतीय सीमा में माल पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद सोनौली और आसपास के क्षेत्रों में इसे एक जगह जमा कर आगे भेजने की तैयारी की जाती है। हालिया कार्रवाई में सोनौली के प्रेमनगर कालोनी से नियारा मिट्टी की बरामदगी और इस्तेमाल की गई साइकिल मिलने के बाद तस्करी के इस तरीके पर चर्चा तेज हो गई है।
10 अक्टूबर को सोनौली पुलिस ने प्रेमनगर कालोनी में कार्रवाई कर तीन बोरियों में रखी 185.7 किलोग्राम धूल के कणों के साथ स्लेटी और भूरे रंग की पीली धातु (नियारा मिट्टी) बरामद की थी। मौके से इस्तेमाल की गई साइकिल भी मिली थी। पुलिस ने रामू और शैलेश को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में नियारा को खलीलाबाद ले जाने की बात सामने आई थी।
मामले में कस्टम अधिनियम की धारा 111 के तहत कार्रवाई की गई। सीमावर्ती इलाकों में नियारा डंप करने के बाद छोटे रास्तों से उसे भारतीय क्षेत्र में लाने का तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकता है। बड़े वाहनों पर निगरानी के बीच साइकिल से छोटी-छोटी खेप लाने पर तस्करों को संदेह से बचने का मौका मिल सकता है। इस पूरे नेटवर्क और नेपाल में माल डंप करने के दावे की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पहले भी पकड़ा जा चुका है नियारा
सात अगस्त की रात सोनौली सीमा पर काठमांडू से मेहदावल जा रही डीसीएम की जांच में 13.62 टन नियारा बरामद किया गया था। चालक ने वाहन खाली होने की बात कही थी, लेकिन जांच में माल मिला। इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी।
