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    हरियाली का करोबार, खुला आर्थिक उन्नाति का द्वार

    By JagranEdited By:
    Updated: Sun, 06 Jan 2019 11:34 PM (IST)

    महराजगंज जनपद के नगर पंचायत निचलौल से करीब डेढ़ किलोमीटर पूरब स्थित ग्रामसभा बैदौली सब्जी व पौधे के कारोबार में एक मुकाम हासिल कर चुका है। गांव की 70 फीसद से अधिक आबादी की जीविका सब्जी व पौध नर्सरी पर ही निर्भर है।

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    हरियाली का करोबार, खुला आर्थिक उन्नाति का द्वार

    महराजगंज : महराजगंज जनपद के नगर पंचायत निचलौल से करीब डेढ़ किलोमीटर पूरब स्थित ग्रामसभा बैदौली सब्जी व पौधे के कारोबार में एक मुकाम हासिल कर चुका है। गांव की 70 फीसद से अधिक आबादी की जीविका सब्जी व पौध नर्सरी पर ही निर्भर है। मेहनतकश कई किसानों ने लगन के भरोसे खेती के बल पर ही बच्चों की ऊंची शिक्षा, जमीन, ट्रैक्टर-ट्राली व पं¨पग सेट खरीद लिए हैं, तो 40 फीसद के पास अच्छी नस्ल के भैंस व गाय हैं। सुखद बात व प्रेरणा यह है कि गांव की इस सम्पन्नता के पीछे न तो विदेशी पैसा है, और न सरकारी सहायता। बल्कि बलुई दोमट व तराई की इस मिट्टी पर सब्जियों की खेती-किसानी से ग्रामीण मालामाल हो रहे हैं। इसके अलावा कइयों ने तो पौध- नर्सरी से गांव की अलग पहचान ही बना ली है। उत्तर- पूरब दो दिशाओं से जंगल से घिरे बैदौली गांव के किसान अपने बूते बहुत कुछ कर गुजरने की सुनहरी इबारत लिख चुके हैं। गांव के समृद्ध किसान लल्लन करीब 30 वर्ष पहले जब पौध नर्सरी की खेती में लगे तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब उनकी बनायी राह पर गांव की 70 फीसद आबादी चल रही है। गांव के हरिहर तीन एकड़ भूमि में सब्जी की खेती कर सलाना करीब दो लाख रुपये कमा रहे हैं। इसी तरह सब्जी की खेती व पौध नर्सरी की बदौलत झंडा गाड़ने वालों में ग्रामवासी सोनू मौर्य, राममिलन , शंभू चौहान, बृद्धिचंद मौर्या, सीताराम मौर्य, हरेंद्र मौर्य, रुदल आदि का नाम शामिल हैं ।

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    सागौन का बाग लगा करोड़पति बन गए ग्रामवासी:

    निचलौल , महराजगंज : पूर्व सैनिक शेर¨सह व पुत्र छोटेलाल थापा ने अपनी 25 डिसमिल भूमि 15 अगस्त 1998 में 20 वर्ष के लिए सागौन के 300 पौधों के नाम कर दिया था। उनकी मन लगाकर देखभाल की। आज वे सभी नन्हे पौधे जवान हो चुके हैं। एक पेड़ की न्यूनतम कीमत 30 हजार रुपये आंकी गई है। इस तरह इस सैनिक परिवार ने एक करोड़ रुपये का इंतजाम कर अपने परिवार का भविष्य सु²ढ़ कर लिया है ।