महाराजगंज : पंजाब के एक ¨जदा दिल सरदार व श्यामदेउरवा क्षेत्र के संवेदनशील डाक्टर के अथक प्रयास से 15 साल पहले बिछड़े मां-बेटे रविवार को वीडियो काल पर रूबरू होते ही फफक पड़े। आंखों से बहती आंसुओं की अविरल धारा मां-बेटे के दुलार की गवाही दे रही थी। यह ²श्य देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और बरबस ही लावारिस फिल्म का गीत- कबके बिछड़े हुए हम आज यहां आ के मिले की याद दिला गई।

श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के मोहद्दीनपुर बनकटिया निवासी मिठाई विश्वकर्मा का तीन बेटों में दूसरे नंबर का लड़का मुद्रिका 15 वर्ष पहले मैट्रिक की पढ़ाई कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए पंजाब गया। काम के दौरान उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई और वह भटक कर कहीं चला गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। मुद्रिका भटक कर पंजाब के घनौली स्टेशन के पास जसपाल धाबुरजी नाम के एक सरदार के पास गया तो सरदार ने उसे अपने पास रख के खाना खिलाया। मंदबुद्धि का मुद्रिका उसके ढाबे पर काम करने लगा अचानक उम्र बढ़ने के साथ साथ उसके बुद्धि का विकास हुआ और उसने अपने मालिक जसपाल सरदार से अपने घर का पता बताया। तो नेक दिल सरदार ने इंटरनेट के माध्यम से सर्च किया जिससे उसको बगल के गांव धनहा नायक के डॉक्टर प्रमोद कुमार प्रजापति का फोन नंबर मिला। सरदार ने डॉक्टर से सारी बातें बताई और उसके मदद की बात कही। डॉक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सरदार की बात मानी और लड़के के गांव मोहद्दीनपुर बनकटिया गए और वास्तविकता का पता लगाया। पता लगा कर उसने सरदार के नंबर पर वीडियो कॉल किया तथा उसकी मां राजमती व पिता मिठाई लाल से बात करायी। 15 साल बाद बिछड़े बेटे से वीडियो कॉल पर रूबरू हो बूढ़ी हो चुकी मां राजमती फफक पड़ीं, उन्होंने डॉक्टर और उस सरदार का शुक्रिया अदा किया। गांव में खुशियों का माहौल है । परिजन बेटे को लेने पंजाब जाने की तैयारी में जुट गए हैं।

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