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योगी सरकार का सामाजिक सुरक्षा मॉडल बना मिसाल, अंत्योदय से सर्वोदय की भावना के साथ योजनाओं को दिया जा रहा विस्तार

Published: Tue, 09 Dec 2025 06:57 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएँ “अंत्योदय से सर्वोदय” की अवधारणा को प्रभावी ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं अब 'अंत्योदय से सर्वोदय' की अवधारणा को सफलतापूर्वक जमीन पर उतार रही हैं। एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा खड़ा करते हुए, योगी सरकार ने युवाओं के भविष्य निर्माण से लेकर निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और गरीब परिवारों तक सरकारी सहायता को सीधे पहुंचाना सुनिश्चित किया है।

करोड़ों लाभार्थियों को पेंशन, छात्रवृत्ति, निःशुल्क राशन, सामूहिक विवाह अनुदान और शैक्षिक सहयोग प्रदान कर उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक लाभार्थियों तक सीधे लाभ (Direct Benefit Transfer - DBT) पहुंचाने वाला राज्य बन गया है। यह उपलब्धि यह साबित करती है कि सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कर रही है।

युवाओं और शिक्षा के लिए सुदृढ़ आधार

योगी सरकार ने युवाओं के भविष्य को संवारने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना: प्रदेश के सभी जनपदों में इस योजना को लागू कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया गया है। विगत तीन वर्षों में 743 से अधिक युवा विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं।

  • छात्रवृत्ति योजनाएं: अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हजारों छात्रों को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत हजारों करोड़ रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में दी गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि सरकार शिक्षा को सामाजिक न्याय का सबसे मजबूत माध्यम बना रही है।

  • बाल सेवा योजना: कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों और किशोरों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना ने उनके जीवन को नया सहारा दिया है और उनकी शिक्षा तथा देखभाल सुनिश्चित की है।

  • सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण

    सरकार ने कमजोर और वंचित वर्गों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं:

    • सामूहिक विवाह योजना: बेटियों और गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 4.77 लाख से अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। इस योजना में सहायता राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे गरीब परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।

  • पेंशन योजनाएं: निराश्रित महिला, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों जरूरतमंदों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं के लाभार्थियों में अल्पसंख्यकों और वंचित वर्ग के लोगों की संख्या सर्वाधिक है, जो सरकार की 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति को दर्शाता है।

  • राशन, गैस और आर्थिक राहत

    गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्रदान की गई हैं:

    • निःशुल्क खाद्यान्न: प्रदेश के करोड़ों पात्र नागरिकों को प्रतिमाह 5 किलोग्राम निःशुल्क खाद्यान्न और अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। अंत्योदय कार्डधारकों को त्रैमासिक आधार पर 3 किलोग्राम चीनी भी रियायती दर पर दी जा रही है।

  • संवेदनशील प्रशासन: कोविड काल में सरकार ने चना, खाद्य तेल और नमक भी निःशुल्क वितरित कर एक संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासन की मिसाल कायम की।

  • उज्ज्वला योजना: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों में भी अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के लोगों की बड़ी संख्या शामिल है, जिससे उन्हें स्वच्छ ईंधन तक पहुंच मिली है।

  • यह व्यापक सामाजिक कल्याण मॉडल, जो अल्पसंख्यकों, वंचितों और कमजोर वर्गों के जीवन में स्थायी बदलाव का आधार बन रहा है, उत्तर प्रदेश को देश में "सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य" के रूप में मजबूती से स्थापित कर रहा है।