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    योगी सरकार ने आबकारी नीत‍ि में क‍िया बड़ा बदलाव, गर्मी में ठंडी बीयर के लिए होना पड़ सकता है परेशान

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बीते सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है। इसे लागू करने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। नई नीति में सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव शराब की कंपोजिट दुकानें खोलने को लेकर किया है। इसके अनुसार कंपोजिट दुकानों पर अंग्रेजी शराब बीयर व वाइन की बिक्री एक साथ की जा सकेगी।

    By Manoj Kumar Tripathi Edited By: Vinay Saxena Updated: Tue, 11 Feb 2025 09:47 AM (IST)
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    उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ।- फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पहली अप्रैल से ठंडी बीयर के लिए लोगों को परेशान होना पड़ सकता है। वर्ष 2025-26 के लिए घोषित की गई नई आबकारी नीति में कंपोजिट दुकानों में ठंडी बीयर की बिक्री की सुविधा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इसके चलते शराब विक्रेताओं में असमंजस की स्थित बनी हुई है।

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    सरकार ने बीते सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है। इसे लागू करने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। नई नीति में सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव शराब की कंपोजिट दुकानें खोलने को लेकर किया है।

    अंग्रेजी शराब, बीयर व वाइन की बिक्री एक साथ

    इसके अनुसार कंपोजिट दुकानों पर अंग्रेजी शराब, बीयर व वाइन की बिक्री एक साथ की जा सकेगी। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एसपी सिंह का कहना है कंपोजिट दुकानों को खोलने के लिए दुकानों का आकार बड़ा करना होगा और इन दुकानों में ठंडी बीयर की बिक्री की जा सकेगी या नहीं इस बारे में नीति में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। विभाग को इस बारे में जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिससे शराब विक्रेताओं में भ्रम की स्थिति न रहे।

    बिक्री से 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का अनुमानित लक्ष्य

    वर्तमान में प्रदेश में 29,000 शराब की दुकानें हैं। इनमें बीयर की 5,900 दुकानें हैं। इनके अलावा कंपोजिट दुकानें खोली जाएंगी। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में शराब, बीयर, वाइन व भांग की बिक्री से 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र करने का अनुमानित लक्ष्य रखा है।

    नई नीति में यह भी है महत्वपूर्ण

    • ग्राहकों को शराब पीने की सुविधा देने के लिए कंपोजिट दुकानों को मॉडल शॉप में परिवर्तित किया जा सकेगा। इसके लिए अलग से शुल्क देना पड़ेगा।
    • एल्युमिनियम कैन में भारत निर्मित विदेशी मदिरा की बिक्री सीएफटीआरआई (केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान) से सेहत सुरक्षा प्रमाण पत्र लेने के बाद ही की जा सकेगी।
    • ट्रैक एंड ट्रेस का शुल्क ईडीपी (एक्स-डिस्टलरी मूल्य) के हिसाब से निर्धारित किया जाएगा।
    • शराब के गोदाम की फीस दो लाख रुपये होगी। विदेशी शराब की निर्यात पास फीस दस रुपये प्रति बल्क लीटर होगी।
    • पर्यटन विभाग की तरफ से स्टार वर्गीकरण प्राप्त न करने वाले होटलों को लाइसेंस फीस के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
    • अन्य देशों से आयातित सभी तीव्रता वाली बीयरों की परमिट फीस 175 रुपये प्रति बल्क लीटर रखी गई है।
    • सभी दुकानों पर लगाए जाएंगे दो-दो सीसीटीवी कैमरे व दुकानों की जियो फेंसिंग की जाएगी।

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