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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- गांवों में अमृत सरोवर का निर्माण एक तीर्थ स्थल का विकास जैसा, कल पर ना टाले

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 05 Jun 2022 01:50 PM (IST)Updated: Sun, 05 Jun 2022 02:12 PM (IST)

World Environment Day मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है। हमारे संतों ऋषियों व महापुरुषों ने ...और पढ़ें

World Environment Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
World Environment Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य पर आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में सभी ग्राम पंचायत में कम से कम एक अमृत सरोवर का निर्माण करने का आह्वान किया। विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण के बाद उन्होंने उसकी रक्षा करने का भी संकल्प लेने को कहा है, जिससे कि पर्यावरण को अनुकूल बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष में हम सबको अमृत सरोवर बनाने का एक संकल्प दिया है। अगर हम अमृत सरोवर निर्माण के संकल्प से जुड़ पाएंगे तो हमारे गांव ही तीर्थ स्थल के रूप में विकसित हो जाएंगे, अगर ऐसा हुआ तो जल की कभी कमी नहीं होगी। गांव का वो सरोवर जिन पर अवैध कब्जा हो चुका है। ड्रेनेज बन गया है। कूड़ा घर बन गया है। वह अमृत सरोवर के निर्माण की प्रक्रिया के साथ जुड़ पाएंगे। वह अपने गांव के तीर्थस्थल के रूप में विकसित होंगे तो आपके पास कभी भी जल की कमी नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि याद रखिए, जल है तो कल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पावन कार्य को आज से ही प्रारंभ करने को भी कहा है। इसी क्रम में उन्होंने संत कबीर दास के दोहे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि काल करे सो आज कर, आज करे सो अब। कबीर दास जी ने कहा था कि कार्य को टालने की आदत नहीं होनी चाहिए। जो कार्य कल करना है, उसे आज कर लो और जो आज करना है, उसे अभी कर लो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्म पथ पर चलकर ही हम अपने समाज, प्रदेश और देश को आगे बढ़ा सकते हैं। कार्य को टालने की आदत न डालें, जो कल करना है वह आज ही करो और जो आज करना है उसकी शुरुआत अभी कर दो।

मुख्यमंत्री ने संतकबीर नगर के मगहर का दौरा करने के बाद कहा कि कबीर दास जी ने हमेशा रूढि़वादिता का विरोध किया था। काशी में जन्म लेने के बाद उन्हें जीवन के अंतिम समय में मगहर आने की आवश्यकता नहीं थी, लेकिन लोगों ने कहा कि मगहर आने पर नर्क मिलता है, तब उन्होंने कहा कि चलिए, मैं उसी नर्क की तरफ चलता हूं, और मगहर को उन्होंने स्वर्ग बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है। हमारे संतों, ऋषियों व महापुरुषों ने हमें सदैव पर्यावरण के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। पांच वर्ष पहले तक मगहर से बहने वाली आमी नदी अत्यंत प्रदूषित थी, पानी एकदम काला था। मुझे आज प्रसन्नता है कि जो एक व्यवस्थित कार्ययोजना यहां के लिए बनाई गई, आज पानी एकदम साफ है और नदी प्रदूषण से मुक्त हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तथा प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट व बौद्ध सर्किट जैसी अनेक परियोजनाएं संचालित हैं, जो पर्यटन विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के साथ ही नौजवानों के लिए रोजगार की सुविधा भी उपलब्ध करा रही हैं। आज संत कबीर नगर के मगहर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने शिक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन से जुड़ी 86.76 करोड़ रुपए लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में संपन्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य के लिए राष्ट्रपति तथा राज्यपाल का आभार।