Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    महिला आयोग ने कसी कमर, बाल विवाह की प्रथा रोकने के लिए NGO से ली जाएगी मदद

    Updated: Fri, 28 Mar 2025 09:03 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने साइबर अपराध और बाल विवाह रोकने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। आयोग ने साइबर अपराध पर तत्काल कार्रवाई के लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है। बाल विवाह रोकने के लिए महिला कल्याण विभाग और एनजीओ की मदद ली जाएगी। पिछले वर्ष प्रदेश में पांच लाख बच्चों को बाल विवाह से बचाया गया था।

    Hero Image
    बाल विवाह की प्रथा रोकने के लिए NGO से ली जाएगी मदद

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं के प्रति हो रहे साइबर अपराध को रोकने और बाल विवाह की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कवायद तेज कर दी है। आयोग ने जहां साइबर अपराध के प्रति महिलाओं को जागरूक करने और घटित घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई के लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वहीं, बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए एनजीओ की मदद लेने के लिए आयोग ने महिला कल्याण विभाग को पत्र लिखा है। आयोग ने महिला कल्याण विभाग से बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए उनकी ओर से लागू की गई योजनाओं और कार्यवाही सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मांगी हैं।

    अब तक कितनी मिलीं शिकायतें? 

    राज्य महिला आयोग को पिछले साल सितंबर से अब तक बाल विवाह को लेकर 25 लिखित शिकायतें मिली हैं। आयोग ने तत्काल संबंधित डीएम को पत्र लिखकर इनपर रोक लगायी है। नेशनल कमीशन फार प्रोटेक्शन चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 11 लाख ऐसे बच्चों की पहचान की गई थी, जिनको बाल विवाह से पहले संबंधित एजेंसियों के माध्यम से बचाया गया था।

    इसमें पांच लाख बच्चे उत्तर प्रदेश से थे। पिछले साल पांच व छह दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग की बैठक में बाल विवाह को समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर चर्चा हुई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग से बाल विवाह रोकने के लिए विभाग या एनजीओ द्वारा किए गए उपायों का विस्तृत विवरण मांगा है।

    बाल विवाह रोकने के लिए लागू की गई रणनीतियाें, सामने आ रही चुनौतियों और अब तक किए गए प्रयासों से प्राप्त परिणामों की रिपोर्ट मांगी गयी है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने एनजीओ की मदद से विशेषकर उन क्षेत्रों को चिन्हित कर जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा है, जहां बच्चे 18 वर्ष से कम उम्र में स्कूल जाना छोड़ रहे हैं।

    उधर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की शुक्रवार को हुई मासिक बैठक में अध्यक्ष डा. बबीता सिंह चौहान और उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने महिला जनसुनवाई, वन स्टाप सेंटर , महिला चिकित्सालय, महिला बंदीगृह , कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के निरीक्षण की