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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए होगी सात लेयर की सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने दिया निर्देश

Published: Tue, 24 Dec 2024 05:00 AM (IST)Updated: Tue, 24 Dec 2024 05:47 AM (IST)

डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया है कि अगले वर्ष जनवरी में प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं ...और पढ़ें

प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों के हवाले महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों के हवाले महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

HighLights

  1. एआई वाले सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी मेला परिसर में नजर
  2. सुरक्षा के लिए ड्रोन व एंटी ड्रोन सिस्टम का भी किया जाएगा इस्तेमाल

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा है कि अगले वर्ष जनवरी माह में प्रयागराज में आयोजित किए जा रहे महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सात लेयर की सुरक्षा प्रणाली लागू की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय, अंतरराज्यीय व जिले में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की जांच की जाएगी। 

साथ ही मेला परिसर के अंदर चार लेयर की सुरक्षा लागू की जा रही है। एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ, ड्रोन व एंटी ड्रोन सिस्टम के अलावा प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों के हवाले महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर का निर्माण

सोमवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने पत्रकारों से कहा कि महाकुंभ को लेकर कॉरिडोर का भी निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान ध्यान करने में कोई परेशानी न उठानी पड़े। काशी की तरह ही चित्रकूट व अयोध्या में श्रीराम लला के मंदिर के साथ ही विंध्याचल में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि आपदा से बचाव के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे हैं। साथ ही आपदा मोचन बलों की भी तैनाती महाकुंभ में की जा रही है। फायर सर्विस का भी इंतजाम मौके पर किया जा रहा है।

इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर

उन्होंने बताया कि महाकुंभ व प्रदेश में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को अंजाम देने के लिए इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों पर पुलिस की पैनी नजर है। 

शिक्षण संस्थाओं के युवाओं को प्रशिक्षित करके डिजिटल वॉरियर्स के रूप में मेला परिसर में तैनात किया जाएगा। साथ ही मेला परिसर में सभी संबंधित विभागों के कैंप कार्यालय खोले जा रहे हैं। इसके चलते जरूरत पड़ने पर मौके पर ही समस्या का समाधान हो सकेगा।

हर जिले में साइबर थाना व साइबर डेस्क की स्थापना

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर हर जिले में साइबर थाना व साइबर डेस्क स्थापित की जा रही है। लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। 

साथ ही तत्काल पुलिस को साइबर अपराध की सूचना देनी होगी, जिससे आसानी के साथ साइबर अपराधियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस कर्मियों को साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रेस कान्फ्रेंस में एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश भी उपस्थित थे।