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UP में रोहिंग्या की घुसपैठ करा रहे बांग्लादेशी, ATS ने सहारनपुर से पिता-पुत्र को दबोचा

UP ATS Action पश्चिम बंगाल में बनवा लिया था मतदाता पहचान पत्र भी। एटीएस की टीम दोनों को लखनऊ स्थित कोर्ट में पेश करेगी। एटीएस ने बीते दिनों ही अलीगढ़ से रोहिंग्या हसन उर्फ फारुख व उन्नाव से उसके भाई शाहिद को गिरफ्तार किया था।

By Divyansh RastogiEdited By: Published: Fri, 12 Mar 2021 09:50 PM (IST)Updated: Sat, 13 Mar 2021 07:09 AM (IST)
UP ATS Action: एटीएस की टीम दोनों को लखनऊ स्थित कोर्ट में पेश करेगी।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। UP ATS Action: यूपी में रोहिंग्या की घुसपैठ करा रहे गिरोह में बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। जो रोहिंग्या के साथ बांग्लादेशी नागरिकों को भी ठेके पर यहां लाने का काम कर रहे हैं। सिंडीकेट के तहत कमीशन वसूलकर उन्हें यहां काम दिलाया जा रहा है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की जांच में इस गंभीर तथ्य के और पुख्ता प्रमाण सामने आए हैं। सहारनपुर में रह रहे बांग्लादेश के नागरिक उमर मुहम्मद उस्मानी व उसके बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उमर ने पश्चिम बंगाल में अपना मतदाता पहचान पत्र भी बनवा लिया था। दोनों ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड व अन्य प्रपत्र हासिल कर लिए थे और खुद को भारतीय होने का दावा करते थे। एटीएस की टीम दोनों को शनिवार को लखनऊ स्थित कोर्ट में पेश करेगी। 

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आइजी एटीएस जीके गोस्वामी ने बताया कि बांग्लादेश के एक नागरिक के यहां अवैध ढंग से रहने व देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की सूचना मिली थी। छानबीन में सामने आया कि सहारनपुर में तनवीर नाम का युवक रह रहा है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। एटीएस ने शुक्रवार को सहारनपुर के थाना मंडी क्षेत्र से तनवीर व उसके पिता उमर मुहम्मद को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पिता-पुत्र मूल रूप से बांग्लादेश के कोक्स बाजार के निवासी हैं। दोनों यहां सहारनपुर की नदीम कालोनी में मुजफ्फर मस्जिद के पास रह रहे थे। दोनों के विरुद्ध एटीएस थाने में एफआइआर दर्ज की गई है। एटीएस ने उमर का भारतीय मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, तनवीर का आधार कार्ड व बांग्लादेश का नागरिक कार्ड, दो बांग्लादेशी सिम कार्ड व पंजाब नेशनल बैंक की चेकबुक बरामद की है। 

एटीएस ने बीते दिनों ही अलीगढ़ से रोहिंग्या हसन उर्फ फारुख व उन्नाव से उसके भाई शाहिद को गिरफ्तार किया था। दोनों यहां पहचान बदलकर रह रहे थे और सिंडीकेट के तहत रोहिंग्या को सूबे के कई जिलों में लाकर बसाने व काम दिलाने की गतिवधियों में लिप्त थे। एटीस ने दोनों भाइयों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर छानबीन को आगे बढ़ाया था। सूत्रों का कहना है कि इसी कड़ी में हाथ लगी सूचनाओं के बाद सहारनपुर से अब बांग्लादेशी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी हुई है। 

सिंडीकेट से जुड़े हैं कई और के तार:  एटीएस अधिकारियों के अनुसार रोहिंग्या हसन जिस सिंडीकेट से जुड़ा है, उसमें शामिल कई लोगों से बांग्लादेशी उमर भी सीधे संपर्क में था। अब इनके आपसी कनेक्शन व अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। एटीएस उमर व उसके बेटे को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की भी तैयारी कर रही है। 


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