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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपीएसआइडीसी घोटाला : फिलहाल कार्रवाई पर कोई फैसला नहीं

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Published: Sat, 26 Oct 2013 03:53 AM (IST)Updated: Sat, 26 Oct 2013 03:54 AM (IST)

लखनऊ (जागरण ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) में भू उपयोग परि

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लखनऊ (जागरण ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) में भू उपयोग परिवर्तन व भूखंड घोटाले के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के साथ दर्जा प्राप्त मंत्री तपेंद्र प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला नहीं हो सका। यह जानकारी सचिव (गृह) कमल सक्सेना ने दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रमुख सचिव (गृह) की अगुवाई वाली कमेटी इस मुद्दे पर बैठक करेगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर बसपा शासन काल में 18 भूखंडों का भू उपयोग परिवर्तन अनियमित रूप से होने के आरोपों की जाच यूपी पुलिस की एसआइटी कर रही है। जिसने बाबू सिंह कुशवाहा व तपेन्द्र प्रसाद सहित सेवानिवृत्त आइएएस एसके वर्मा, विशेष सचिव रहे अनवारुल हक, मुकेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता संजय तिवारी, मनमोहन, आरके चौहान, केके यादव आदि अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी है। जिस पर फैसला लेने के लिए आज प्रमुख सचिव अनिल गुप्ता, एसआईटी के मुखिया एकेडी द्विवेदी समेत आधा दर्जन अधिकारियों की बैठक होनी थी, सूत्रों का कहना है कि आरोपों में घिरे लोगों के सत्तारूढ़ दल से ताल्लुक होने का ही नतीजा था कि कई अधिकारी बैठक में हिस्सा लेने ही नहीं आए। सचिव गृह कमल सक्सेना ने कहा कि अधिकारियों की बैठक हुई लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका है। जल्दी ही फिर बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि शासन ने एसआइटी की जांच रिपोर्ट में कई तकनीकी खामियां निकाली हैं। जिन्हे दूर करने के निर्देश दिये गये हैं।

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