लखनऊ, जेएनएन। संघ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2020 की परीक्षा के शुक्रवार को आए परिणाम में उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी छात्र-छात्राओं के साथ ही यहां पर तैनात पीसीएस अधिकारियों को भी काफी सफलता मिली है।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में बिहार के शुभम कुमार ने पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे व तीसरे स्थान पर बेटियों ने परचम लहराया है। दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की मूल निवासी जागृति अवस्थी और तीसरे स्थान पर अंकिता जैन रही हैं। इस बार कुल 761 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 545 पुरुष और 216 महिलाएं हैं। अभी भी 150 अभ्यर्थियों को रिजर्व सूची में रखा गया है। यूपीएससी ने 836 पदों को भरने के लिए 2020 में परीक्षा कराई थी।

बीते वर्ष की परीक्षा के शुक्रवार को आए परिणाम उत्तर प्रदेश में विभिन्न पद पर तैनात 20 से अधिक पीसीएस अधिकारियों के लिए भी काफी सुखद रहे हैं। इनमें से दस एसडीएम के पद पर तैनात हैं। नई दिल्ली में यूपी भवन में सीएफओ पूनम मिश्रा के आइपीएस पुत्र शाश्वत त्रिपुरारी को इस बार यूपीएससी में 19वीं रैंक मिली है। शाश्वत त्रिपुरारी का यूपी कैडर का आइएएस अफसर बनना तय है। 2019 बैच में आइपीएस में शाश्वत त्रिपुरारी को शीर्ष स्थान मिला था। शाश्वत की फिलहाल पुलिस अकादमी हैदराबाद में ट्रेनिंग चल रही है। पीसीएस अफसर प्रखर को मिली 29वीं रैंक मिली है। 2020 बैच के उप जिलाधिकारी प्रखर को आइएएस में उत्तर प्रदेश कैडर मिलना भी तय है। पीसीएस अफसर शिवाकाशी को 64वीं रैंक मिली है। वह 2020 बैच की उपजिलाधिकारी हैं। पीसीएस अफसर आदित्य सिंह को 92वीं रैंक मिली है। वह 2018 बैच के उपजिलाधिकारी हैं।

पीसीएस अधिकारी डॉक्टर बुशरा बानो को 234 रैंक मिली है। डॉक्टर बुशरा बानो फिरोजाबाद में एसडीएम टूंडला के पद पर तैनात हैं। डॉक्टर बुशरा 2017 बैच की उप जिलाधिकारी हैं। 2019 बैच के पीसीएस अफसर अभिषेक कुमार सिंह 240 रैंक मिली है। पीसीएस अफसर प्रिया यादव भी 2020 बैच की हैं। इनको 276 रैंक मिली है। पीसीएस अधिकारी अपूर्वा भरत को 363 रैंक मिली है। अपूर्वा भरत 2018 बैच की उपजिलाधिकारी हैं। 2020 बैच के पीसीएस अधिकारी रजत कुमार पाल को 394 रैंक मिली है। पीसीएस अफसर विपिन द्विवेदी भी 2019 बैच के हैं। उनको 557वीं रैंक मिली है। पीसीएस अफसर विशाल श्रीवास्तव 2019 बैच के टॉपर हैं। उनको यूपीएससी परीक्षा में 591वीं रैंक मिली है।  

Edited By: Dharmendra Pandey