UP Weather Today: अर्णब चक्रवात से बदला मौसम, बरसात व ठंड से गिरा पारा; आज पूर्वी यूपी में होगी बारिश
UP Weather Today: अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के कारण यूपी में तीन दिनों से बारिश और ठंड का असर ...और पढ़ें

UP Weather Today: सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का दिखा तीन दिन असर
गोरखपुर में सर्वाधिक बारिश, मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा जिला
रविवार से बारिश रुकने, सोमवार से मौसम साफ होने के आसार
जागरण संवाददाता, लखनऊ। UP Weather Today: अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों से दिखा रहा है। घने बादलों, हवाओं और फुहारों के बीच शनिवार को मौसम ने ठंड का एहसास कराया। शनिवार सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुआ हल्की बारिश का सिलसिला रात भर चला। शुक्रवार से शनिवार तक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सबसे अधिक बादल बरसे। प्रदेश के पूर्वी जिलों में पश्चिमी जिलों के मुकाबले अधिक बरसात हुई।
वहीं, 14.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ मुजफ्फरनगर रहा सबसे ठंडा जिला रहा। कई जिलों का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
गोरखपुर में जमकर बरसे बादल, नंबर वन रहा
मौसम विभाग के मुताबिक, गोरखपुर के बर्डघाट में सबसे अधिक 63.8 मिलीमीटर (मध्यम वर्षा) बारिश हुई। राजधानी लखनऊ में हल्की 23.9 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। अक्टूबर माह में औसत से 200 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। बारिश की वजह से शनिवार को बस्ती में अधिकतम तापमान सामान्य से 10.3 डिग्री सेल्सियस नीचे 23.0 और बांदा में सामान्य से 9.2 डिग्री सेल्सियस नीचे 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार से बारिश रुकने के आसार है और सोमवार से मौसम साफ होने की संभावना है।
इन जिलों का सबसे कम रहा तापमान
- नजीबाबाद का शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.0 और अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा
- उरई का शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.6 और अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा
- मेरठ का शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.7 और अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रहा
- इटावा का शनिवार को न्यूनतम तापमान 17.7 और अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस रहा
अक्टूबर माह में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक हुई बारिश
एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के उत्तर प्रदेश में कुल 32.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश से 14 प्रतिशत अधिक है। पूर्वांचल में यह आंकड़ा सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस पूरे महीने में सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।