उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज से, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी संयुक्त सदन को संबोधित
UP Vidhan Mandal Budget Session 2026: 11 फरवरी बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 2026
HighLights
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री बोले जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें, स्वस्थ चर्चा से होता है विकास
विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों से मांगा सहयोग
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानमंडल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी। विपक्ष कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, किसान व युवाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।
बजट सत्र शुरू होने से पहले रविवार को विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक कर सभी राजनीतिक दलों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें और इस पर स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश में विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करें।
विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सत्र में 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। दस कार्य दिवसों वाला यह बजट सत्र विगत कई वर्षों में सबसे बड़ा सत्र है। इन कार्य दिवसों का बेहतर उपयोग करते हुए राज्यपाल के अभिभाषण, बजट तथा अन्य मुद्दों पर सार्थक चर्चा की जायेगी।
उन्होंने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान होता है। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के हित से जुड़े हर मुद्दों पर सदन में सुचारु रूप से चर्चा करनी चाहिए। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधाएं न आएं, इसका ध्यान सभी सदस्यों को रखना चाहिए। संसदीय परंपरा सुदृढ़ होने से लोकतंत्र को मजबूती मिलती है।
विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी सदस्यों का सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद तथा सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से लोकतंत्र सुदृढ़ होता है।
विधान सभा चर्चा और परिचर्चा का मंच है, शोर-शराबे का नहीं। सहमति और असहमति लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं। शोर-शराबे से न तो सरकार की बात सामने आती है और न ही विपक्ष की। सभी के सहयोग से ही सदन संचालित होता है। सकारात्मक वातावरण में तार्किक, तथ्यपरक व गुणवत्तापूर्ण संवाद से जनसमस्याओं का सार्थक समाधान किया जा सकता है। संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए सभी सदस्यों को अपने सुझाव व मुद्दे सदन में रखना चाहिए।
बैठक में संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान, अपना दल के रामनिवास वर्मा आदि मौजूद थे।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 को पेश करेंगे बजट
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विधान सभा का तिथिवार कार्यक्रम पर मुहर लग गई। 10 फरवरी मंगलवार को सदन के वर्तमान व पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त किया जाएगा। 11 फरवरी बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
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इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन नियमित तौर पर चलेगा। 14 व 15 फरवरी को शनिवार व रविवार होने के कारण सदन की बैठक स्थगित रहेगी। 16 फरवरी से फिर से सदन की कार्यवाही प्रारंभ होगी। 20 फरवरी तक सदन चलने की उम्मीद है।
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चार प्रतिस्थानी विधेयक भी होंगे पेश
मानसून सत्र के बाद प्रदेश सरकार चार अध्यादेश ला चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश व उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश हैं। इनके प्रतिस्थानी विधेयक भी सरकार बजट सत्र में पेश करेगी।
