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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, CFI के रऊफ शरीफ को केरल की जेल से छूटते ही दबोचा

By Divyansh RastogiEdited By:
Published: Sat, 13 Feb 2021 10:12 PM (IST)Updated: Sun, 14 Feb 2021 07:03 AM (IST)

हाथरस कांड के बाद सूबे में हिंसा भड़काने की साजिश का मामला। ईडी के केस में केरल की जेल में ...और पढ़ें

हाथरस कांड के बाद सूबे में हिंसा भड़काने की साजिश का मामला। एसटीएफ ने रऊफ को किया था वांछित घोषित।
हाथरस कांड के बाद सूबे में हिंसा भड़काने की साजिश का मामला। एसटीएफ ने रऊफ को किया था वांछित घोषित।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। हाथरस कांड के बाद उत्‍तर प्रदेश में जातीय व सांप्रदायिक हिंसा की साजिश के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने केरल से पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) की स्टूडेंट विंग, कैंपस फ्रंट आफ इंडिया (सीएफआइ) के राष्ट्रीय महासचिव के रऊफ शरीफ को गिरफ्तार कर लिया है। रऊफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के केस में केरल की जेल में बंद था और शुक्रवार को ही उसकी जमानत मंजूर हुई थी। एसटीएफ की टीम पहुंची केरल...

मथुरा के माठ थाने में सूबे में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश को लेकर दर्ज कराए गए मुकदमे में एसटीएफ ने उसे वांछित घोषित किया था और केरल की जेल में प्रोटेक्शन वारंट भी दाखिल कर रखा था। उसकी जमानत मंजूर होने की सूचना पाकर एसटीएफ नोएडा की एक टीम केरल पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ नोएडा के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि उसे रविवार को मथुरा कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसटीएफ रऊफ को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी भी कर रही है।

रऊफ पर सीएए के विरोध में हिंसा फैलाने के लिए फंडिंग का आरोप: रऊफ को 12 दिसंबर, 2020 को केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर एमीग्रेशन के अधिकारियों ने पकड़ा था। रऊफ के खिलाफ ईडी व यूपी पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर रखा था। बाद में एमीग्रेशन ने उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया था। ईडी ने पूछताछ के बाद रऊफ को केरल की जेल में निरुद्ध कराया था। रऊफ पर दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हिंसा फैलाने के लिए फंडिंग करने का आरोप है, जिसकी जांच ईडी कर रहा है। ईडी ने रऊफ के खाते में विदेश से आई रकम को लेकर कई अहम साक्ष्य भी जुटाए थे। 

रऊफ के इशारे पर ही यूपी में हिंसा भड़काने आए थे चार आरोपित: हाथरस कांड के बाद मथुरा पुलिस ने पीएफआइ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतीकुर रहमान, सीएफआइ के महासचिव मसूद अहमद, कथित पत्रकार सिद्धिकी कप्पन व मु.आलम को गिरफ्तार किया था। इन सभी के विरुद्ध माठ थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। शासन ने बाद में इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी थी। जांच में सामने आया था कि मथुरा में पकड़े गए चारों आरोपित हाथरस कांड के बाद रऊफ शरीफ के ही इशारे पर सूबे में हिंसा भड़काने की साजिश के तहत आए थे। इसके बाद ही एसटीएफ ने माठ थाने में दर्ज मुकदमे में रऊफ को वांछित किया था। वहीं ईडी ने तीन दिन पूर्व ही लखनऊ स्थित स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में अतीकुर रहमान, मसूद अहमद, सिद्धिकी कप्पन, मु. आलम व रऊफ के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। 

विदेश से की गई थी फंडिंग : जांच में यह भी सामने आया था कि कप्पन और उसके साथियों को पीएफआइ के वरिष्ठ पदाधिकारी रऊफ शरीफ व पी.कोया ने फंडिंग की थी। हाथरस कांड के बाद हिंसा भड़काने के लिए आरोपितों को 1.36 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह रकम ओमान व कतर में बैठे पीएफआइ सदस्यों के जरिये रउफ तक पहुंचाई गई थी।