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    UP Politics: बसपा मुखिया मायावती ने फिर जताया आकाश आनंद पर भरोसा, भतीजे को बनाया पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 03:36 PM (IST)

    BSP in UP Politics मायावती ने उनको वर्ष 2019 में पार्टी का नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया था। इसके बाद वर्ष 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित कर दिया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बसपा प्रमुख ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया था।

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    लखनऊ : आकाश आनंद बसपा का राष्ट्रीय संयोजक

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद पर फिर भरोसा जताया है।

    उन्होंने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में यात्रा निकालने से पहले आकाश को अब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की अहम जिम्मेदारी दी है। पार्टी में इस पद को नंबर दो का बताया जाता है। बसपा प्रमुख ने इससे पहले उनको पार्टी से बाहर कर दिया था और 41 दिन बाद माफी दी थी।

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    बसपा प्रमुख के भाई और आकाश के पिता आनंद कुमार तो पहले से ही पार्टी उपाध्यक्ष हैं। मायावती ने पार्टी संगठन में भी और भी बदलाव किया है। छह राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर बनाने के साथ प्रदेश अध्यक्षों के नाम भी घोषित किए हैं। संगठन में व्यापक फेरबदल के बाद बसपा प्रमुख सितंबर के पहले सप्ताह में पार्टी पदाधिकारियों की अहम बैठक करने वाली है। बैठक में बसपा के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी ताकत दिखाने के लिए मायावती राजधानी में बड़ी रैली करने की घोषणा कर सकती है।

    सफर बहुत उतार-चढ़ाव वाला

    बसपा में आकाश आनंद का अब तक का सफर बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा है। मायावती ने उनको वर्ष 2019 में पार्टी का नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया था। इसके बाद वर्ष 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित कर दिया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बसपा प्रमुख ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया था। इसके बाद दो मार्च को आकाश को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया था।

    आकाश आनंद ने एक्स पर पोस्ट कर मांगी थी माफी

    आकाश आनंद ने अप्रैल में एक्स पर पोस्ट कर माफी मांगी थी और फिर से पार्टी में काम करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद मायावती ने उनको वापस ले लिया था। इसके बाद से आकाश पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय बने हुए थे। बसपा प्रमुख ने अब आकाश को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है।

    आकाश आनंद ने एक्स पर पोस्ट कर पद मिलने पर शुक्रवार को मायावती का आभार जताया। पहली बार राष्ट्रीय संयोजक बनाए गए आकाश की जिम्मेदारी पार्टी के सभी सेक्टर, केंद्रीय व स्टेट कोआर्डिनेटरों और प्रदेश अध्यक्षों की काम की समीक्षा करना होगा। वह सीधे मायावती को रिपोर्ट करेंगे। माना जा रहा है कि बिहार और फिर वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर खास रणनीति के तहत यह निर्णय लिया गया है। युवा आकाश के जरिए मायावती की कोशिश है कि खासतौर से दलित युवाओं में पार्टी की पैठ बनाई जाए ताकि फिर जनाधार बढ़े।

    विश्वास पात्रों को बनाया राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर

    इसके साथ ही मायावती ने अपने विश्वास पात्र रामजी गौतम, राजाराम, रणधीर सिंह बेनीवाल, लालजी मेधांकर, अतर सिंह राव और धर्मवीर सिंह अशोक को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर बनाया है। इनमें रामजी गौतम दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्य देखेंगे। राजाराम पर महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू व केरल की जिम्मेदारी रहेगी। रणधीर सिंह बेनीवाल को हरियाणा, पंजाब व राजस्थान, लालजी मेधांकर को झारखंड, पश्चिम बंगाल व उड़ीसा, अतर सिंह राव को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व गुजरात और धर्मवीर सिंह अशोक को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व चंडीगढ़ की कमान सौंपी गई है।

    विश्वनाथ पाल बसपा यूपी के अध्यक्ष बरकरार

    विश्वनाथ पाल को फिर से उप्र का अध्यक्ष बनाया गया गया है। वहीं राजेश तंवर को दिल्ली, रमाकांत पिप्पल को मध्य प्रदेश, श्याम टंडन को छत्तीसगढ़, शंकर महतो को बिहार, डा. सुनील डोंगरे को महाराष्ट्र, पी आनंंदन को तमिलनाडू, ज्वाय आर थामस को केरल, श्रीकृष्ण को हरियाणा, अवतार सिंह करीमपुरी को पंजाब, प्रेम बारूपाल को राजस्थान, शिवपूजन मेहता को झारखंड, मनोज हवलादर को पश्चिम बंगाल, सरोज कुमार नायक को उड़ीसा, बंदेला गौतम को आंध्र प्रदेश, इब्राम शेखर को तेलंगाना, भगूभाई परमार को गुजरात, विक्रम सिंह नायर को हिमाचल प्रदेश, दर्शन राणा को जम्मू-कश्मीर, ब्रजपाल को चंडीगढ़ और अमरजीत सिंह को उत्तराखंड का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

    स्टेट कोआर्डिनेटर का भी तैनाती

    इनके अलावा सुदेश आर्या को दिल्ली, चंद्रपाल सिंह, दिलीप बौद्ध व बालकिशन को मध्यप्रदेश, मनीष आनंद, दाऊराम रत्नाकर व लता गेडाम को छत्तीसगढ़, अनिल कुमार पटेल, सुरेश राव व उमाशंकर गौतम को बिहार, कल्लप्पा तोरवी व अशोक चक्रवर्ती को कर्नाटक, प्रताप सिंह, नेतराम, विशाल गुर्जर, दलवीर भान व रामसिंह फौजी प्रजापति को हरियाणा, नछत्तर पाल, अजीत सिंह, तीरथ कश्यप, कुलदीप सिंह व गुरुनाम सिंह को पंजाब, नर्बदा प्रसाद अहिरवार, चंद्रपाल सिंह, भगवान सिंह व बनवारी लाल बैरवा को राजस्थान, दिनेश कुमार गौतम, व पुनीत आंबेडकर को झारखंड, प्रणव हलधर को पश्चिम बंगाल, सुधीर कुमार नायक को उड़ीसा, एम. बलैया व वंदन कुमार को आंध्र प्रदेश, निशानी रामचंद्रम, एम. बैलया व दयानंद राव को तेलंगाना, सुरेंद्र सिंह कलेरिया व प्रभाकर भारद्वाज को गुजरात, अवतार सिंह करीबपुरी, सुनील मजोत्रा व चरनजीत चरगोत्रा को जम्मू-कश्मीर, विपुल कुमार को चंडीगढ़ का स्टेट कोआर्डिनेटर बनाया गया है। वहीं उत्तराखंड में सात स्टेड कोआर्डिनेटर बनाए गए हैं। इनमें विजय सिंह, नौशाद अली, रविंद्र कुमार गौतम, प्रदीप सैनी, गिरीश चंद्र जाटव, शीशपाल सिंह और मुनकाद अली शामिल हैं।