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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: यूपी होगा और सुरक्षित, राजस्थान में अब शरण नहीं ले पाएंगे अपराधी; BJP को मिले जनादेश से माफिया होंगे साफ

By Mohammad SameerEdited By: Mohammad Sameer
Published: Mon, 04 Dec 2023 05:00 AM (IST)

अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों द्वारा नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए बनाया गया गोल्डेन ट्रायंगल रूट भी अब ध्वस्त होगा। अभी ...और पढ़ें

BJP को मिले जनादेश से माफिया होंगे पस्त (file photo)
BJP को मिले जनादेश से माफिया होंगे पस्त (file photo)

HighLights

  1. योगी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश को अपराध मुक्त करने को लेकर अभियान शुरू किया
  2. अभियान के डर से तमाम माफियाओं ने उप्र छोड़कर दूसरे राज्यों में भाग गए, योगी को धमकी देने वाले ने भी ली थी राजस्थान में शरण
  3. छत्तीसगढ़ से टूटेगी नशीले पदार्थों की आपूर्ति की चेन

मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के मतदाताओं ने बेशक अपने राज्यों के विकास के लिए भाजपा को जनादेश दिया है, लेकिन इस जनादेश से आने वाले समय में उत्तर प्रदेश सहित छत्तीसगढ़ और राजस्थान भी सुरक्षित राज्यों में शुमार हो जाएंगे।

उप्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर से डर कर राजस्थान में शरण लेने वाले माफियाओं को अब किसी और राज्य का रुख करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश में 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश को अपराध मुक्त करने को लेकर शुरू किए गए अभियान के डर से तमाम माफियाओं ने उप्र छोड़कर दूसरे राज्यों में शरण ले ली है।

सात वर्षों में 10,000 से ज्यादा पुलिस मुठभेड़ में 200 से ज्यादा माफियाओं व उनके गिरोह के सदस्यों का सफाया किया गया। जो बचे उन्होंने राजस्थान में शरण ले ली। पांच वर्षों में राजस्थान में आनंदपाल, राजू ठेहठ, लारेंस विश्नोई, संपत नेहरा व लादेन सहित कई गिरोह बन गए। आनंदपाल, राजू मारे जा चुके हैं, लेकिन इनके गिरोह सक्रिय हैं। वहीं लारेंस व संपत तथा लादेन उर्फ विक्रम जेल से गिरोह को संचालित कर रहे हैं। इन्हीं की मदद लेकर उप्र सहित कई राज्यों के माफिया राजस्थान में शरण में लेते हैं।

अब राजस्थान में भी डबल इंजन की सरकार बनने बाद माफियाओं को शरण लेने के लिए किसी दूसरे राज्य का रुख करना होगा। बीते कुछ वर्षों से उप्र में नशीले पदार्थों की सप्लाई भी राजस्थान व छत्तीसगढ़ से हो रही है। उप्र नारकोटिक्स टास्क फोर्स (यूपीएनटीएफ) के गठन के बाद नशीले पदार्थों की सप्लाई को लेकर किए गए अध्ययन में यह बात निकल कर सामने आई है कि छत्तीसगढ़ से गांजा व राजस्थान से अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई उप्र में की जा रही है।

दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार आने के बाद सप्लाई की यह चेन भी टूटेगी। नोएडा में 27 नवंबर को एक विवि के छात्रों को नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले राजस्थान के तस्कर के पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी देने वाले सरफराज नामक युवक को पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार किया था। वहीं माफिया अतीक अहमद के फरार बेटे असद ने भी काफी समय तक राजस्थान में शरण ली थी।

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इस संदर्भ में विशेष पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि अपराध को लेकर अन्य राज्यों के साथ पुलिस का तालमेल हमेशा ही अच्छा रहता है, लेकिन राज्यों व केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने से तालमेल और बेहतर हो जाता है। 

गोल्डेन ट्रायंगल रूट भी होगा ध्वस्त

अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों द्वारा नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए बनाया गया गोल्डेन ट्रायंगल रूट भी अब ध्वस्त होगा। अभी तक अफगानिस्तान, पाकिस्तान व ईरान से आने वाले नशीले पदार्थ राजस्थान व पंजाब के रास्ते उप्र, एमपी व बिहार तथा दक्षिण भारत तक पहुंचाए जा रहे हैं। राजस्थान से नशीले पदार्थों की खेप पश्चिमी उप्र के शामली,बागपत,बुलंदशहर,बिजनौर व सहारनपुर तथा मुजफ्फरनगर होते हुए अन्य हिस्सों में पहुंचाई जा रही है।