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    UP NEET UG Counseling: यूपी में MBBS में 64 छात्रों के एडमिशन हो गए कैंसिल, ये बड़ी वजह आई सामने

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 04:01 PM (IST)

    यूपी नीट यूजी 2025 की पहली काउंसिलिंग में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के फर्जी प्रमाण पत्रों से एमबीबीएस में दाखिले का मामला सामने आया है। 9 जिलों के 64 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं जिसके बाद महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह ने सभी दाखिले रद्द कर दिए हैं और एफआईआर के आदेश दिए हैं। वर्ष 2024 में हुए दाखिलों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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    एमबीबीएस में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले 64 प्रवेश निरस्त

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यूपी नीट यूजी 2025 के पहले चक्र की काउंसिलिंग में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का खुलासा हुआ है। नौ जिलों से जारी 64 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए हैं।

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    महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश निरस्त कर दिए हैं। इन सभी को अन्य चक्र की काउंसिलिंग से प्रतिबंधित करते हुए एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि यूपी नीट यूजी काउंसिलिंग में राज्य कोटे की 4442 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित उपश्रेणी के अंतर्गत दो प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की 88 सीटें पर प्रवेश होना था। पहली काउंसिलिंग में इस कोटे से 79 सीटों को आवंटन किया गया। जिसमें से 71 अभ्यर्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी की थी।

    इसी दौरान स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय फिरोजाबाद में प्रवेश लेने वाली एक अभ्यर्थी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी का प्रमाण पत्र फर्जी होने की आशंका हुई। इस प्रमाण पत्र को आगरा जिलाधिकारी कार्यालय से जारी किया गया था। इस प्रमाण पत्र की जांच जिलाधिकारी आगरा से कराई गई। 21 अगस्त को जिलाधिकारी आगरा कार्यालय ने बताया कि यह प्रमाण पत्र फर्जी है।

    इसके बाद यूपी नीट यूजी 2025 की पहले चक्र की काउंसिलिंग से अन्य मेडिकल कालेजों में अभ्यर्थियों के पेश किए गए प्रमाण पत्र की जांच की गई तो वह भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध मिले। इस पर आगरा, गाजीपुर, बलिया, भदोही, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों को प्रमाण पत्र की जांच के लिए भेजे गए।

    इन जिलों से मिली जांच रिपोर्ट में 64 प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के काउंसिलिंग बोर्ड की बैठक में फर्जी प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थियों का प्रवेश निरस्त करने का फैसला किया गया।

    सभी मेडिकल कालेजों के प्रधानाचार्यों को अभ्यर्थियों का प्रवेश निरस्त करने का पत्र भेज दिया गया है। इसके साथ ही सभी अभ्यर्थियों को 2025 की काउंसिलिंग से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

    संबंधित जिलाधिकारियों को फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया है। सबसे ज्यादा 12-12 प्रमाण पत्र सहारनपुर, मेरठ और बलिया से जारी हुए हैं। इसके बाद भदोही, गाजीपुर से नौ-नौ, वाराणसी से तीन, गाजियाबाद से दो, आगरा और बुलंदशहर से जारी एक-एक प्रमाण पत्र फर्जी मिला है।

    वर्ष 2024 में प्रवेश लेने वालों की भी जांच के निर्देश

    स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का प्रमाण पत्र लगाकर वर्ष 2024 काउंसिलिंग से एमबीबीएस में प्रवेश लेने वालों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह ने बताया कि इस बार प्रवेश के लिए हुए फर्जीवाड़े को देखते हुए यह फैसला किया गया है। यदि कहीं गड़बड़ी मिली तो प्रवेश निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।