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    UP में चकबंदी से पहले तैयार होगा ई-नक्शा, इस आधुनिक तकनीक से पुराने मैप का होगा मिलान

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 06:25 AM (IST)

    चकबंदी प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अब ई-नक्शा तैयार किया जाएगा। रोवर मशीनों की मदद से बनाए गए इन नक्शों का पुराने नक्शों से मिलान कर चकबंदी पूरी की जाएगी। विवाद कम करने के लिए पहले चरण में कुछ जिलों में रोवर मशीनों से ई-नक्शे तैयार किए जाएंगे, जबकि अभी चकबंदी पुराने नक्शों के आधार पर हो रही है।    

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चकबंदी की प्रक्रिया को और सरल व पारदर्शी बनाने के लिए ई-नक्शा तैयार कराया जाएगा। इस नक्शे का मिलान पुराने नक्शे से करके चकबंदी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ई-नक्शा तैयार करने के लिए रोवर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। चकबंदी को लेकर होने वाले विवादों को समाप्त करने के लिए पहले चरण में कुछ जिलों में रोवर मशीनों से ई-नक्शे तैयार किए जाएंगे।वर्तमान में पुराने नक्शों के आधार पर ही चकबंदी की जा रही है।

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    इससे यह नहीं पता चल पाता है कि भूमि की क्या स्थिति है। प्रभावशाली लोग अपने हिसाब से जमीनों की पैमाइश करा लेते हैं और सामान्य ग्रामीण को यह शिकायत रहती है कि उनका हक मारा जा रहा है। इसीलिए उच्च स्तर पर तय किया गया है कि चकबंदी कराने से पहले प्रत्येक गाटे का नया नक्शा तैयार कराया जाएगा। नक्शा तैयार करने के लिए रोवर प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए भूमि के चारों कोने पर रिफ्लेक्टर राड लगाए जाते हैं और इससे सटीक नक्शा तैयार हो जाता है।

    प्रत्येक गाटे का नए सिरे से नक्शा होगा तैयार

    इसमें यह भी देखा जाएगा कि ग्राम समाज की भूमियों में जैसे बंजर, परती और हरित क्षेत्र की कितनी भूमि है। नए सिरे से चकबंदी कराने के बाद काफी हद तक सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटेंगे और इसका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।चकबंदी आयुक्त हृषिकेश भास्कर याशोद कहते हैं कि चकबंदी को लेकर आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रत्येक गाटे का नए सिरे से नक्शा तैयार कराया जाएगा।

    इसे लिए रोवर मशीन का सहारा लिया जाएगा। इससे सटीक नक्शा तैयार हो जाएगा। इससे चकबंदी को लेकर होने वाले विवाद तो खत्म होंगे ही, साथ में किसकी कितनी भूमि कहां है उसका वास्तिक रूप से पता चल जाएगा। पहले चरण में इसे कुछ गांवों में माडल के तौर पर कराया जाएगा और इसकी सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही चकबंदी के सभी नक्शों को डिजिटल किया जाएगा।