सीएम योगी की नीतियों ने महिलाओं को दिया 'पूर्ण-चक्र समर्थन', जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक मिल रहा सुरक्षा और सहारा
उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को जन्म से वृद्धावस्था तक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। कन्या सुमंगला योजना से बालिकाओं को शिक्षा में मदद मिल रही है, तो सामूहिक विवाह योजना से गरीब परिवारों को सहारा मिल रहा है। संपत्ति पंजीकरण में छूट और पेंशन योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। इन प्रयासों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।

महिलाओं की मददगार बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में व्यापक नीति-सुधार लागू किया है। राज्य सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों का एक समग्र ढांचा विकसित किया है, जो बच्ची के जन्म से लेकर पोषण, आर्थिक स्वावलंबन, संपत्ति के स्वामित्व तथा वृद्धावस्था तक सुरक्षा और सहारा प्रदान करता है। वर्ष 2025 के बजट में बालिका कल्याण योजनाओं, विवाह सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटन किया गया है, जिससे महिला कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास और प्राथमिकता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है।
शिक्षा, पालन-पोषण तथा वित्तीय सहायता ने दी राहत
उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी का समग्र विकास हो सके। इस दृष्टि से, विशेष तौर पर बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेहद प्रभावी रही है, जिसने बालिकाओं की शिक्षा तथा पालन-पोषण में वित्तीय सहारा प्रदान कर लाखों परिवारों को राहत दी है। यह योजना जन्म से ही लड़कियों को अवसर प्रदान करने की नींव मजबूत करती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराती है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को बेटी के जन्म या विवाह को लेकर आर्थिक बोझ महसूस न हो। ऐसे में, इस कड़ी में प्रदेश सरकार की लोककल्याणकारी योजनाएं बड़ा सहारा बनकर उभर रही हैं।
संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं को छूट का प्रावधान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संपत्ति स्वामित्व को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट प्रदान की जा रही है, जिससे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर लेन-देन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। यह प्रावधान न केवल महिलाओं को संपत्ति की मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी प्रदान कर रहा है। योगी सरकार का मानना है कि महिलाएं जब आर्थिक रूप से स्वावलंबी होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। इसी उद्देश्य से आर्थिक नीतियों तथा भूमि-संपत्ति से जुड़े नियमों में महिलाओं के हित में सुधार किए गए हैं।
पेंशन योजनाओं से वृद्धावस्था और दिव्यांग महिलाओं को सहारा
जीवन चक्र के अंतिम चरण को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं से लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिलता है, जिससे जीवनयापन अधिक सम्मानजनक और सुरक्षित होता है। प्रदेश सरकार का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि जीवन के किसी भी चरण में महिलाएं असुरक्षित या उपेक्षित न महसूस करें। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के ये प्रयास महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त नीतिगत ढांचा प्रस्तुत करते हैं। यह पूर्ण-चक्र समर्थन मॉडल उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के नए मानक स्थापित करने वाले राज्यों में अग्रणी बना रहा है।

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