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    यूपी सरकार ने अमरनाथ यात्रा में फंसे लोगों के ल‍िए जारी क‍िया टोल फ्री नंबर, आकाशीय बिजली से जान गंवाने वालों को म‍िलेंगे चार लाख

    By Prabhapunj MishraEdited By:
    Updated: Sun, 10 Jul 2022 08:07 AM (IST)

    यूपी में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मरने वालों के स्‍वजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं अमरनाथ यात्रा में फंसे लोगों के ल‍िए सरकार ने टोल फ्री नंबर जारी क‍िया है।

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    मुख्यमंत्री ने मरने वालों के स्‍वजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करवाने के निर्देश

    लखनऊ, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अमरनाथ यात्रा में बादल फटने से हुई दुर्घटना में लापता व फंसे लोगों की सहायता व समन्वय के लिए 24 घंटे राज्य स्तरीय इमरजेंसी आपरेशन सेंटर संचालित किया जा रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय में इस आपरेशन सेंटर के टोल फ्री नंबर 1070 पर फोन कर कोई भी व्यक्ति इस दुर्घटना से संबंधित जानकारी व सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है।

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    उधर, आकाशीय बिजली गिरने से जान गंवाने वाले पांच लोगों के स्वजन को चार-चार लाख रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं। जिन लोगों की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हुई है उसमें गोरखपुर व ललितपुर के दो-दो और संभल का एक व्यक्ति शामिल है। मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के अंदर यह सहायता राशि देने के निर्देश सीएम ने दिए हैं। वहीं ललितपुर में आकाशीय बिजली गिरने से घायल आठ लोगों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।

    बता दें क‍ि जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बादल फटने से आई बाढ़ में तीन महिलाओं समेत 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। करीब 48 श्रद्धालु घायल और लगभग 35 लापता हैं, पांच यात्रियों को बचा लिया गया है। इस बीच कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने कर्मचारियों के सभी अवकाश (नियमित/संविदात्मक) रद कर दिए और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल स्विच आन रखने के निर्देश दिए हैं।

    गुफा के आसपास भारी बारिश के बाद एकाएक पानी के तेज बहाव के साथ आए पत्थर और भारी मात्रा में मलबे की चपेट में आकर करीब 30 शिविर और तीन लंगर स्थल तबाह हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने अगले आदेश तक यात्रा रोककर सेना, पुलिस, आइटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों के साथ बड़े पैमाने पर राहत व बचाव अभियान छेड़ दिया है। घायलों को हेलीकाप्टर की मदद से अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है।

    तीनों बेस अस्पतालों में चल रहा है इलाज: समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, गांदरबल के सीएमओ, डा अफरोजा शाह ने बताया, 'अब तक, 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हमने यहां घायलों के लिए सभी इंतजाम किए हैं। अभी तक हमारे यहां कोई मरीज नहीं आया है। यहां 28 डाक्टर, 98 पैरामेडिक्स, 16 एंबुलेंस मौजूद हैं। एसडीआरएफ की टीमें भी मौजूद हैं।