विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cashless Treatment Scheme: दीनदयाल कैशलेस चिकित्सा योजना के लाभार्थी ऑनलाइन बना सकते हैं अपना कार्ड,जानें किनको और कैसे मिल रहा लाभ

By Jagran NewsEdited By: Dharmendra Pandey
Published: Sat, 07 Jun 2025 01:13 PM (IST)

Pandit Deendayal Upadhyay Rajya Karmchari Cashless Chikitsa Yojna मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया है कि इस योजना के ...और पढ़ें

दीनदयाल कैशलेस चिकित्सा योजना के लाभार्थी आनलाइन बना सकते हैं अपना कार्ड
दीनदयाल कैशलेस चिकित्सा योजना के लाभार्थी आनलाइन बना सकते हैं अपना कार्ड

HighLights

  1. अब तक बनाए गए 10 लाख 81 हजार 714 कैशलेस कार्ड
  2. निजी चिकित्सालयों में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों व उनके आश्रितों के लिए शुरू की गई पं. दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत अब तेजी से स्टेट हेल्थ कार्ड बनाए जा रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) ने बताया है कि योजना में अब तक 10 लाख 81 हजार 714 कैशलेस कार्ड बना दिए गए हैं। योजना के पात्र लाभार्थी वेबसाइट https://sects.up.gov.in/ पर जाकर खुद अपना कार्ड बना सकते हैं।

साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया है कि इस योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा देने की व्यवस्था है। योजना से आच्छादित व्यक्तियों को निजी चिकित्सालयों में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा है। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए धनराशि की कोई सीमा नहीं है। सीईओ ने पात्र कर्मचारियों व पेंशनरों से अपील की है कि वह वेबसाइट पर जाकर खुद अपना कार्ड बनाने के लिए आवेदन करें। कोई दिक्कत आने पर टोल फ्री नंबर 180018004444 पर संपर्क कर सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के बेहतर इलाज के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना 21 जुलाई, 2022 को प्रार‍ंभ की थी। इसका उद्देश्य राज्य के सभी कर्मचारियों और उनके आश्रित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत राज्य के कर्मचारियों को सरकार की ओर से एक हेल्थ कार्ड जारी किया जाता है, जिसकी मदद से कर्मचारी अपना और अपने परिवार का अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकते हैं। योजना के तहत इलाज के दौरान आने वाले खर्च का भुगतान सरकार की ओर से किया जाता है।

योजना की खास बातें

  • पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना, उत्तर प्रेदश राज्य के मौजूदा कर्मचारियों और रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए है।
  • इस योजना में राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों को एक हेल्थ कार्ड जारी किया जाता है।
  • इसमें एक साल में लाभार्थी और उसका परिवार पांच लाख रुपये तक का इलाज निजी अस्पतालों में और बिना किसी आर्थिक सीमा के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं।
  • पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत आबद्ध समस्त निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं।
  • कैशलेस योजना केवल भर्ती होने वाले मरीजों के लिए है।

स्टेट हेल्थ कार्ड के लिए कैसे करें आवेदन

  • सबसे पहले पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://sects.up.gov.in/ पर जाएं।
  • इसके बाद “Apply for State Health Card” के बटन पर क्लिक करें।
  • फिर यहां अपनी जानकारी भरें और “Save & Continue” पर क्लिक करें।
  • फिर अपने अश्रितों की जानकारी भरें और सबमिट पर क्लिक करें।
  • इसके बाद DDO/TO के एप्रूवल का इंतजार करें।
  • एप्रूवल के बाद आपके पास एक एसएमएस आएगा, जिसमें एक लिंक होगा या फिर आप https://setu.pmjay.gov.in/setu/pt-deendyal-upadhyay पर भी क्लिक कर सकते हैं।
  • इसके बाद आधार ईकेवाईसी को पूरा करें और स्वास्थ्य कार्ड को डाउनलोड करें।

उत्‍तर प्रदेश सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय राज्‍य कर्मचारी कैशलेस चिकित्‍सा योजना के अंतर्गत केवल आपातकालीन एवं असाध्य रोगों के कैशलेस उपचार का प्रावधान है। अन्य रोगों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।

कहां-कहां करा सकते हैं कैशलैस उपचार

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलैस चिकित्सा योजना के तहत लाभार्थी आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज पर कोई खर्च की सीमा नहीं है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।