लखनऊ, संवादसूत्र। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सोनू कनौजिया के समर्थन में जनसभा करने पहुंचे स्टार प्रचारक पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के सामने ही मंच पर चढ़ने को लेकर दो समर्थक गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई होने लगी। किसी तरह मौजूद नेताओं ने बीच बचाव किया।

शनिवार को तहसील ग्राउंड मलिहाबाद में स्वामी प्रसाद मौर्य की जनसभा थी। जनसभा के दौरान मंच पर राजबाला रावत सहित कई नेता भी उपस्थित थे। स्वामी प्रसाद मौर्य का भाषण खत्म होने पर सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया और पूर्व प्रत्याशी राजबाला रावत उन्हें माला पहना रहे थे। तभी मंच पर मौजूद नगर पंचायत चेयरमैन अहसन अजीज खान और पूर्व मंत्री इंसराम अली के समर्थकों के बीच कहासुनी होने लगी। धीरे-धीरे बात हाथापाई तक पहुंच गई। मंच पर मौजूद अन्य लोगों के बीच-बचाव के बाद उन्हें शांत कराया गया।

सूपड़ा होगा साफ : इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस बार योगी सरकार का सूपड़ा साफ होने वाला है। लोग दावा तो सबका साथ सबका विकास का करते हैं, लेकिन हकीकत में इन्होंने विकास नहीं सिर्फ सत्यानाश किया है। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई। कहा कि भाजपा नौजवान, किसान, व्यापारी, दलित व पिछड़ों की विरोधी है। इसलिए मैंने भाजपा छोड़ी थी। मैं जब तक योगी सरकार की विदाई नहीं कर दूंगा तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मंत्री रहते हुए मैंने नेताओं का असली चेहरा देखा है। जो कहते हैं, उसका उल्टा करते हैं। युवाओं को नौकरी देने का वादा किया, लेकिन उन्हें लाठियां मिलीं। आरक्षित पदों पर सामान्य वर्ग की भर्ती की गईं। भाजपा के लोग हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करते हैं। गरीबों और पिछड़ों को हिंदू नहीं मानते हैं। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत, पूर्व मंत्री केके गौतम, रामलखन चौरसिया, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Edited By: Anurag Gupta