रायबरेली, जागरणा संवाददाता। कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में रायबरेली सदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनी अदिति सिंह ने बुधवार को कांग्रेस के साथ ही विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अदिति ने पार्टी से इस्तीफा स्वीकार करने की बात कही है। हालाकि वह पहले ही भाजपा में शामिल हो चुकी है। पिता की राजनीतिक विरासत संभालने को पांच साल पहले अदिति सिंह ने राजनीति में एंट्री की। उन्होंने सियासी सफर की शुरुआत पिता की उंगली पकड़कर की, लेकिन आहिस्ता आहिस्ता वे अब खुद जिले की राजनीति का बड़ा चेहरा बन गई। प्रदेश स्तर पर युवा महिला नेता के तौर पर उनकी पहचान बन चुकी है।

नगर निकाय के चुनाव के साथ पंचायत चुनाव में अदिति का प्रभाव रायबरेली देख चुकी है। अमावा में मां तो राही में वह अपने करीबी कार्यकर्ता को ब्लाक प्रमुख बनाने में सफल रही। कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं अदिति 24 नवंबर 2021 को भाजपा में शामिल होने के 56 दिन बाद कांग्रेस ने अपने सभी नाते तोड़ते हुए विधायक पद से भी त्याग पत्र दे दिया है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में अदिति ने निकटम प्रतिद्वंदी को करीब 90 हजार वोटों के अंतर से पराजित किया था। इनके विधायक बनने के बाद 20 अगस्त 2019 को इनके पिता अखिलेश सिंह का निधन हो गया। पिता के निधन के बाद अदिति की सक्रियता और बढ़ गई है।

मां हैं ब्लॉक प्रमुख : अदिति सिंह की मां वैशाली सिंह पंचायत चुनाव में अमावां ब्लाक से ब्लाक प्रमुख हैं। इसके अलावा राही ब्लाक और नगर पालिका रायबरेली में भी इन्ही के करीबियों ने बागडोर संभाल रखी है। वहीं अदिति के पति अंगद पंजाब में कांग्रेस पार्टी से विधायक हैं।

Edited By: Anurag Gupta