रायबरेली, [दिलीप सिंह]। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढ़ में पार्टी से बगावत का इनाम अदिति सिंह व राकेश सिंह को भाजपा ने टिकट के रूप में दे दिया है। जिले की छह सीटों में से अभी स‍िर्फ दो सीटों पर ही नामों की घोषणा हुई है। चार सीटों पर अब भी दावेदारों के नामों को लेकर संशय बना हुआ है। जिले में चौथे व पांचवें चरण में वोटिंग होनी है। कांग्रेस व विधायक पद से त्याग पत्र देने के अगले ही दिन भाजपा रायबरेली सदर से विधायक रही अदिति सिंह का टिकट फाइनल कर पार्टी में उनके सियासी कद को बढ़ा दिया। वहीं 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मुकाबले भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह के भाई व हरचंदपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर पिछला चुनाव जीतने वाले राकेश सिंह काे टिकट देकर पार्टी ने जिले की राजनीति में संतुलन बनाने का पूरा प्रयास किया है।

रायबरेली की राजनीति में दोनों ही परिवारों का बड़ा दखल : हाई प्रोफाइल राजनीति का गढ़ रायबरेली एक बार फिर चर्चा में है। यहां से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पांचवीं बार सांसद हैं। 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में अदिति व राकेश का परिवार कांग्रेस में था और यही दो ऐसे चेहरे थे। जो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर सदन पहुंचे थे। इसे संयोग कहे या राजनीति की दरकार। पांच साल पहले दोनों ही परिवार कांग्रेस में थे और अब दोनों परिवार भाजपा में हैं।

सोनिया के गढ़ में कांग्रेस के टिकट पर पांच साल पहले जीत दर्ज करने वाले दोनों ही सूरमाओं को इस बार भाजपा ने एक ही दिन चुनावी रणभूमि में उतारने की घोषणा की। इतना ही नहीं भाजपा के टिकट वाली सूची में भले ही 85 नाम हों पर यहां भी दोनों का नाम एक साथ है। 47 नबंर क्रमांक पर हरचंदपुर सीट से राकेश सिंह व 48 नबंर पर रायबरेली सीट से अदिति सिंह का नाम शामिल किया गया है।

 

Edited By: Anurag Gupta